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गंगा किनारे मिले शव ने खोली 35 साल पुरानी जिंदगी की परतें, पुलिस ने हाथ में गुदे नाम से ढूंढा परिवार

हरिद्वार। गंगा घाट के पास मिले एक अज्ञात शव ने 35 साल पुरानी यादों को फिर ताजा कर दिया। हरियाणा से वर्षों पहले लापता हुआ किसान जिंदगीभर अपनों से दूर रहा, लेकिन मौत के बाद हरिद्वार पुलिस ने उसे उसके परिवार से मिला दिया। हाथ पर गुदे नाम के सहारे पुलिस ने मृतक की पहचान कर स्वजनों तक सूचना पहुंचाई। शुक्रवार को खड़खड़ी श्मशान घाट पर छोटे भाई ने नम आंखों से बड़े भाई को मुखाग्नि दी।

एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि पांच मई को कोतवाली नगर क्षेत्र में बिरला रोड के पास एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। शव के पास कोई पहचान पत्र या दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस ने उसे जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर पहचान के प्रयास शुरू किए।

जांच के दौरान पुलिस की नजर मृतक के हाथ पर गुदे “उदयवीर बहादुरगढ़” नाम पर पड़ी। इसी सुराग के आधार पर शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने हरियाणा के बहादुरगढ़ थाना लाइनपार क्षेत्र से संपर्क किया। गांव के लोगों को वाट्सएप पर शव की फोटो भेजी गई, जिसे देखकर ग्रामीणों ने मृतक की पहचान उदयवीर निवासी बहादुरगढ़ के रूप में की।

जानकारी में सामने आया कि उदयवीर करीब 35 साल पहले घर से अचानक लापता हो गया था। परिवार ने लंबे समय तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। समय के साथ परिवार ने उसके लौटने की उम्मीद भी छोड़ दी थी।

सूचना मिलने पर मृतक का छोटा भाई संजय झज्जर से हरिद्वार पहुंचा। मोर्चरी में बड़े भाई का शव देखते ही वह भावुक हो उठा। उसने कहा कि वर्षों बाद भाई के अंतिम दर्शन हो सके, यह हरिद्वार पुलिस की मेहनत से संभव हुआ।

पुलिस जांच में पता चला कि उदयवीर पिछले कुछ समय से गंगा घाट और मंदिर परिसर के आसपास रह रहा था। आसपास के लोगों ने बताया कि वह अक्सर बीमार रहने की बात करता था। पुलिस बीमारी को मौत की संभावित वजह मान रही है।

पोस्टमार्टम और पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव स्वजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद खड़खड़ी श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।

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