ब्रेकिंग न्यूज़
हल्द्वानी : मुस्तैद फायर एवं पुलिस टीम की बदौलत बड़ा नुकसान होने से बचा, KVM स्कूल परिसर में लगी आग पर पाया गया पूर्ण नियंत्रण, कोई जनहानि नहीं हुई, सभी पहलुओं की जा रही है जांच- एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसीहल्द्वानी : मुखानी स्थित स्कूल में लगी भीषण आग, कई बसें जलकर खाक, वीडियो….हल्द्वानी : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भाजपा ने दी श्रद्धांजलि, सांसद अजय भट्ट बोले— राष्ट्र की एकता के लिए दिया सर्वोच्च बलिदानकर्तव्य निभाते हुए फायरमैन जगजीत सिंह का निधन,एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने परिजनों को बंधाया ढांढस, पुलिस परिवार ने दी भावभीनी श्रद्धांजलिभीमताल विधानसभा को मिली 3.49 करोड़ की सड़क सौगात, खेरोला-खड़की मोटर मार्ग निर्माण और लुगड़-पातीजाला मार्ग का होगा डामरीकरण: मंत्री राम सिंह कैड़ा
खबर शेयर करे -

गंगा किनारे मिले शव ने खोली 35 साल पुरानी जिंदगी की परतें, पुलिस ने हाथ में गुदे नाम से ढूंढा परिवार

हरिद्वार। गंगा घाट के पास मिले एक अज्ञात शव ने 35 साल पुरानी यादों को फिर ताजा कर दिया। हरियाणा से वर्षों पहले लापता हुआ किसान जिंदगीभर अपनों से दूर रहा, लेकिन मौत के बाद हरिद्वार पुलिस ने उसे उसके परिवार से मिला दिया। हाथ पर गुदे नाम के सहारे पुलिस ने मृतक की पहचान कर स्वजनों तक सूचना पहुंचाई। शुक्रवार को खड़खड़ी श्मशान घाट पर छोटे भाई ने नम आंखों से बड़े भाई को मुखाग्नि दी।

एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि पांच मई को कोतवाली नगर क्षेत्र में बिरला रोड के पास एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। शव के पास कोई पहचान पत्र या दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस ने उसे जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर पहचान के प्रयास शुरू किए।

जांच के दौरान पुलिस की नजर मृतक के हाथ पर गुदे “उदयवीर बहादुरगढ़” नाम पर पड़ी। इसी सुराग के आधार पर शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने हरियाणा के बहादुरगढ़ थाना लाइनपार क्षेत्र से संपर्क किया। गांव के लोगों को वाट्सएप पर शव की फोटो भेजी गई, जिसे देखकर ग्रामीणों ने मृतक की पहचान उदयवीर निवासी बहादुरगढ़ के रूप में की।

जानकारी में सामने आया कि उदयवीर करीब 35 साल पहले घर से अचानक लापता हो गया था। परिवार ने लंबे समय तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। समय के साथ परिवार ने उसके लौटने की उम्मीद भी छोड़ दी थी।

सूचना मिलने पर मृतक का छोटा भाई संजय झज्जर से हरिद्वार पहुंचा। मोर्चरी में बड़े भाई का शव देखते ही वह भावुक हो उठा। उसने कहा कि वर्षों बाद भाई के अंतिम दर्शन हो सके, यह हरिद्वार पुलिस की मेहनत से संभव हुआ।

पुलिस जांच में पता चला कि उदयवीर पिछले कुछ समय से गंगा घाट और मंदिर परिसर के आसपास रह रहा था। आसपास के लोगों ने बताया कि वह अक्सर बीमार रहने की बात करता था। पुलिस बीमारी को मौत की संभावित वजह मान रही है।

पोस्टमार्टम और पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव स्वजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद खड़खड़ी श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।

यह भी पढ़ें :  NEET री-एग्जाम के दौरान SSP मंजूनाथ टी.सी. का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था परखी

You missed

error: Content is protected !!