नीट-यूजी पेपर लीक पर देशभर में उबाल, सड़कों पर उतरे छात्र संगठन।
एनटीए दफ्तर के बाहर एबीवीपी का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका।
सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, पांच आरोपी गिरफ्तार; कई राज्यों में छापेमारी।
नई दिल्ली। नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों और छात्र संगठनों का आक्रोश बुधवार को सड़कों पर दिखाई दिया।
दिल्ली स्थित राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) कार्यालय के बाहर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार और एनटीए के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंककर दोषियों पर सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।
दिल्ली के अलावा भोपाल, नागपुर, कोलकाता, रायपुर, पटना, लखनऊ, कानपुर, हैदराबाद, जयपुर और चंडीगढ़ समेत कई शहरों में भी छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियां लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं।
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने एनटीए कार्यालय की ओर बढ़ने और बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, लेकिन भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया। मौके पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात रहे और पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी रखी।
इधर, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने भी कर्नाटक समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। बेंगलुरु, चिक्कबल्लापुर, हुबली, रायचूर और बागलकोट में छात्रों ने परीक्षा रद्द करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
उधर, नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कार्रवाई तेज करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने जयपुर से तीन, गुरुग्राम से एक और महाराष्ट्र के नासिक से एक आरोपी को पकड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक देशभर में कई स्थानों पर छापेमारी और पूछताछ जारी है।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पेपर लीक प्रकरण अब राजनीतिक रंग भी पकड़ता जा रहा है, जहां विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है, वहीं छात्र संगठन परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।

