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हल्द्वानी पहुंची गोल्ज्यू यात्रा, भक्ति और संस्कृति का भव्य संगम

हल्द्वानी। उत्तराखंड की लोक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से निकाली जा रही तृतीय गोल्ज्यू यात्रा अपने 19वें दिन बुधवार को हल्द्वानी पहुंची। इस अवसर पर राम मंदिर में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।

पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में पहुंची मातृशक्ति ने श्रद्धा और उत्साह के साथ यात्रा का अभिनंदन किया। पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला।

19 अप्रैल को चंपावत स्थित मुख्य गोल्ज्यू मंदिर से अक्षय तृतीया के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई यह यात्रा अब तक प्रदेश के कई जिलों से होकर गुजर चुकी है। यात्रा खटीमा, सितारगंज, किच्छा, रुद्रपुर, काशीपुर, हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी, बद्रीनाथ, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और रामनगर होते हुए हल्द्वानी पहुंची।

हल्द्वानी में यात्रा रामलीला मैदान से शोभायात्रा के रूप में बाजार क्षेत्र से होकर गोल्ज्यू मंदिर पहुंची, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया। मंदिर परिसर में जागर का आयोजन हुआ और श्रद्धालुओं ने गोल्ज्यू देवता का आशीर्वाद लिया।

यात्रा के मुख्य आयोजक और ‘अपनी धरोहर न्यास’ के केंद्रीय अध्यक्ष विजय भट्ट ने बताया कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना है।

यात्रा में सिख समाज ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। वहीं बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और महिलाओं ने यात्रा का स्वागत कर इसे आस्था, एकता और संस्कृति का जीवंत उत्सव बना दिया।

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