ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

नैनीताल उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता समेत अन्य न्यायाधीश पैदल पहुंचे कार्यालय 

नैनीताल। ईंधन संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय में “नो व्हीकल डे” मनाया गया।

इस दौरान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश समेत अन्य न्यायाधीशों, अधिकारियों, कर्मचारियों और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्यों ने निजी वाहनों का उपयोग नहीं किया और पैदल अपने कार्यालय पहुंचे।

कार्यक्रम के तहत दूरस्थ क्षेत्रों जैसे भवाली और हल्द्वानी से आने वाले अधिवक्ताओं ने वर्चुअल माध्यम से न्यायालय की कार्यवाही में भाग लिया। इस पहल को न्यायपालिका से जुड़े लोगों का व्यापक समर्थन मिला।

उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रधानमंत्री की अपील के अनुपालन में राज्यभर में “सुरक्षित ईंधन-सुरक्षित जीवन” अभियान भी शुरू किया गया है।

यह अभियान 15 मई से एक माह तक चलाया जाएगा। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक सोमवार और शनिवार को न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों, वादकारियों और अन्य हितधारकों को न्यायालय एवं कार्यालय आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन, साइकिल अथवा पैदल चलने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने को कहा है।

अभियान का उद्देश्य ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता बढ़ाना है।

यह भी पढ़ें :  नैनीताल : देशहित में पुलिस कप्तान डॉ. मंजूनाथ टीसी का बड़ा कदम; पैदल चलकर पहुंचे कार्यालय, पुलिसकर्मियों को कार-पूलिंग अपनाने के निर्देश; जनता से इलेक्ट्रिक और सार्वजनिक वाहनों के प्रयोग की अपील
error: Content is protected !!