पीएम ऊषा मेरू योजना के तहत प्राप्त अनुदान से पटवाडांगर में बनने वाले नवीन परिसर और दो अकादमिक ब्लॉकों का शिलान्यास
रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला
नैनीताल। भारत सरकार की पीएम ऊषा मेरू योजना के तहत प्राप्त अनुदान से पटवाडांगर में बनने वाले नवीन परिसर और दो अकादमिक ब्लॉकों का शिलान्यास सोमवार को उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का मेरु परिसर शिक्षा के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप, आयुष, जैव प्रौद्योगिकी और आधुनिक विज्ञान के क्षेत्र में उत्तराखंड को नई पहचान दिलाएगा।
उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद के सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि परिसर में हिमालयी औषधीय पौधों और वेलनेस लाइफस्टाइल पर होने वाला शोध स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और वैश्विक शोध के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालय अब केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि नवाचार, स्वरोजगार और बहुविषयी शिक्षण एवं शोध के उन्नत केंद्र बनेंगे।
इस मौके पर मंत्री ने परिसर में विकसित उद्यान का लोकार्पण भी किया। पटवाडांगर परिसर में चार नए उत्कृष्टता केंद्रों को भी स्वीकृति दी गई है। इनमें सेंटर फॉर एडवांस कम्प्यूटिंग, सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन हिमालयन मेडिसिनल प्लांट्स एंड वेलनेस लाइफस्टाइल, फैकल्टी ऑफ बायोमेडिकल साइंसेज एंड नैनोटेक्नोलॉजी तथा केंद्रीय उपकरण सुविधा केंद्र शामिल हैं।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री ने छात्रसंघ राजनीति में छात्राओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार पंचायतों, नगर निगमों और नगरपालिकाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दे रही है और विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में छात्राओं की संख्या 60 से 70 प्रतिशत तक है। ऐसे में छात्रसंघ के पदों पर भी छात्राओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा, ताकि वे भविष्य में विधानसभा और लोकसभा जैसे बड़े मंचों पर प्रभावी भागीदारी निभा सकें।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश के किसी भी स्कूल को जर्जर हालत में नहीं रहने दिया जाएगा और सभी स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है और छह माह के भीतर समस्याओं के समाधान का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में किए गए पांच प्रमुख सुधारों का भी उल्लेख किया, जिनमें समय पर प्रवेश परीक्षाएं, परीक्षा परिणाम, छात्रसंघ चुनाव और दीक्षांत समारोह आयोजित कराना शामिल है। उन्होंने कहा कि अब ये सभी गतिविधियां समय पर हो रही हैं, जो शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
मंत्री ने कहा कि सभी कॉलेजों में स्वामी विवेकानंद और मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। साथ ही छात्रों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक कॉलेज में व्यायामशाला खोली जाएगी, जिससे युवा नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रह सकें।

