ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

नैनीताल। पहाड़ की शांत और सुरम्य वादियों में बसे रामगढ़ ब्लॉक के छोटे से गांव नथुवाखान का एक युवा आज अपनी मधुर आवाज और संगीत साधना से लोगों के दिलों में खास जगह बना रहा है।

सीमित संसाधनों और सुविधाओं के बावजूद मयंक बिष्ट ने अपने हुनर और मेहनत के दम पर संगीत की दुनिया में अलग पहचान बनाई है।

पहाड़ी आर्मी की नगर अध्यक्ष कविता जीना ने बताया कि बचपन से ही मयंक का झुकाव संगीत की ओर रहा। जहां अन्य बच्चे खेलकूद में व्यस्त रहते थे, वहीं मयंक सुरों और धुनों में खोए रहते थे। बिना किसी गुरु और औपचारिक प्रशिक्षण के भी उन्होंने अपनी लगन और मेहनत से राज्य स्तरीय गायन प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

मयंक ने अपनी प्राथमिक शिक्षा नथुवाखान के विद्यालय से प्राप्त की। उनके गुरुजनों ने भी उनकी आवाज में एक अलग प्रतिभा और उम्मीद देखी, जिसने उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मयंक का कहना है कि संगीत ईश्वर का दिया हुआ वरदान है और वह अपने सुरों के माध्यम से लोगों के दिलों में जगह बनाना चाहते हैं।

आज मयंक बिष्ट अपने मधुर स्वरों से भगवान की आराधना करते नजर आ रहे हैं। वह जागरण, श्रीमद्भागवत कथा, शिव पुराण, सुंदरकांड, देवी भागवत और रामायण जैसे धार्मिक आयोजनों में भजन प्रस्तुत कर भक्तों को भावविभोर कर देते हैं। उनके भजनों की मधुरता लोगों को झूमने पर मजबूर कर देती है।

यह भी पढ़ें :  तरबूज खाने के बाद पिता की मौत, बेटा वेंटिलेटर पर; जहरीले पदार्थ की आशंका से हड़कंप
error: Content is protected !!