हल्द्वानी। हल्द्वानी की जीवनरेखा मानी जाने वाली गौला नदी पर मौसम की मार साफ दिखाई देने लगी है। गौला बैराज में जलप्रवाह लगातार घट रहा है, जिससे पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।
सिंचाई विभाग के अनुसार बैराज में प्रतिदिन औसतन दो क्यूसेक पानी की कमी दर्ज की जा रही है।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता चंद्रशेखर आर्या ने बताया कि 22 मई को गौला बैराज में 94 क्यूसेक जलप्रवाह दर्ज किया गया था, जो एक सप्ताह के भीतर घटकर 84 क्यूसेक रह गया है। यानी सात दिनों में करीब 10 क्यूसेक पानी कम हुआ है। वर्तमान में जल संस्थान को पेयजल आपूर्ति के लिए 30 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है, जबकि सिंचाई कार्य रोस्टर के अनुसार संचालित किया जा रहा है।
विभाग के अनुसार गुरुवार तक कठघरिया फीडर नहर में पानी छोड़ा गया, जिसके बाद देवलचौड़ और गौलापार फीडर नहरों में जलापूर्ति की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है, लेकिन यदि जलप्रवाह में गिरावट जारी रही तो स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ऐसे में आगामी बारिश से ही राहत मिलने की उम्मीद है।
उधर, तराई-भाबर क्षेत्र में पिछले दो दिनों से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। गुरुवार को हल्द्वानी का अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि गर्मी और उमस का असर बना रहा, लेकिन गर्म हवाओं से कुछ राहत महसूस की गई। वहीं न्यूनतम तापमान बढ़कर 26.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।
मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही मैदानी इलाकों में भी वर्षा की संभावना जताई गई है।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से तापमान में और गिरावट आने की संभावना है और अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इससे भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
