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भीमताल। भीमताल विधानसभा क्षेत्र में बीते 28/ 29 मई की शाम आए तेज आंधी-तूफान और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।

क्षेत्र के धारी, रामगढ़ और ओखलकांडा ब्लॉकों सहित कई इलाकों में किसानों की बागवानी एवं नकदी फसलें भारी नुकसान की चपेट में आ गई हैं।

किसानों के अनुसार आड़ू, प्लम, खुमानी, आलू, मिर्च, मटर समेत अन्य फसलों को लगभग 80 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है, जिससे किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं।

पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री हरीश पनेरु ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर प्रभावित किसानों को तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, इसलिए प्रत्येक प्रभावित कृषक को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए।

पनेरु ने आरोप लगाया कि इससे पूर्व भी भीमताल विधानसभा के धारी, रामगढ़ और ओखलकांडा क्षेत्र के किसानों को फसल बीमा का पूरा क्लेम नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से किसान लगातार पूर्ण बीमा क्लेम की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें उचित भुगतान नहीं मिल पाया है। उन्होंने बीमा कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उसके खिलाफ धोखाधड़ी की कार्रवाई की मांग भी की है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर किसानों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो हल्द्वानी अथवा नैनीताल में उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।

ज्ञापन की प्रतिलिपि कुमाऊं आयुक्त, जिलाधिकारी नैनीताल तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को भी भेजी गई है।

किसानों को उम्मीद है कि सरकार जल्द सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करेगी और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।

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