भीमताल। पर्यटन नगरी भीमताल की वर्षों से लंबित मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी ने मुख्यमंत्री को 20 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा।
मुख्यमंत्री के भीमताल आगमन के दौरान नगरवासियों की ओर से प्रस्तुत इस मांग-पत्र में झील संरक्षण, पेयजल, स्वास्थ्य, रोजगार, यातायात और आपदा प्रबंधन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
मांग-पत्र में भीमताल झील की तलहटी में वर्षों से जमी सिल्ट और गंदगी को हटाने, बंद पड़े डैम के मुख्य गेट को बदलने तथा वर्ष 2022 में सूख चुके प्राचीन जल स्रोत की उच्चस्तरीय जांच कर उसे पुनर्जीवित करने की मांग की गई है। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में बंद पड़ी इकाइयों को पुनः संचालित कर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने पर जोर दिया गया।
बृजवासी ने दो दशक से लंबित उप जिला अस्पताल और रोडवेज बस स्टेशन को शीघ्र शुरू करने, प्राधिकरण के नियमों में स्थानीय लोगों को राहत देने तथा आपदा प्रभावित ढूंगशील पहाड़ी के वैज्ञानिक उपचार की मांग भी उठाई। इसके अलावा भीमताल-नौकुचियाताल मार्ग के सौंदर्यीकरण, पेयजल समस्या के स्थायी समाधान, गौशाला निर्माण, कूड़ा निस्तारण के लिए भूमि उपलब्ध कराने, खेल मैदान, सिंचाई नहरों के जीर्णोद्धार और बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था की मांग भी शामिल रही।
मांग-पत्र में भीमताल को तहसील का दर्जा देने, सार्वजनिक पुस्तकालय, पर्यटन सूचना केंद्र और आपदा प्रबंधन केंद्र स्थापित करने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई।
इस अवसर पर पूरन चंद्र बृजवासी ने कहा कि झीलों की नगरी भीमताल आज भी कई मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में क्षेत्र की इन जनहितकारी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और भीमताल को उसका पुराना गौरव वापस मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह केवल मांग-पत्र नहीं, बल्कि भीमताल की जनता की अपेक्षाओं और जरूरतों की आवाज है, जिस पर शीघ्र कार्रवाई होना आवश्यक है।


