भीमताल। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल परिसर के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट द्वारा सीसीडीएल-जीईएचयू के सहयोग से “शोध उत्कृष्टता का निर्माण: शोध प्रस्ताव से प्रकाशन एवं केस अध्ययन विकास तक” विषय पर पांच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और शोधकर्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले शोध, परियोजना प्रस्ताव लेखन, शोध प्रकाशन तथा केस अध्ययन विकास की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में भीमताल परिसर के निदेशक ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम शिक्षकों की शोध क्षमता, ज्ञान और कौशल को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने परिणाम-आधारित शिक्षण पर बल देते हुए प्रतिभागियों से अर्जित ज्ञान को व्यवहारिक कार्यों में लागू करने का आह्वान किया।
प्रथम तकनीकी सत्र में एमएनआईटी जयपुर की प्रोफेसर मंजू सिंह ने “परियोजना एवं शोध प्रस्ताव लेखन” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने प्रभावी शोध प्रस्ताव तैयार करने, शोध सार लेखन, साहित्य समीक्षा, कार्यप्रणाली, बजट निर्माण, डेटा प्रबंधन, नैतिक अनुमोदन और परियोजना मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक प्रभावशाली 300 शब्दों का शोध सार भी समीक्षक का ध्यान आकर्षित करने में सक्षम होता है।
दूसरे तकनीकी सत्र में नियाम, जयपुर की निदेशक डॉ. हेमा यादव ने कृषि एवं सहकारिता में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित जन-केंद्रित पहलों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने उत्तराखंड के उदाहरण के माध्यम से बताया कि डिजिटल तकनीक और स्मार्टफोन ने किसानों की बाजार तक पहुंच को मजबूत किया है। साथ ही डिजिटल कृषि, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, ब्लॉकचेन, ट्रेसबिलिटी तथा कृषि स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से अपने सवालों के जवाब प्राप्त किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. निधि भट्ट पंत ने किया। प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को अपने शोध और शिक्षण कार्य में उपयोग करने का संकल्प व्यक्त किया।


