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देहरादून। करीब 10 दिन की देरी के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तराखंड में दस्तक दे दी है। पहाड़ से लेकर मैदान तक झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, 30 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के साथ उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों तक पहुंच गया। मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, सागर, सीधी, आजमगढ़, अयोध्या, बरेली, देहरादून और मंडी से होकर गुजर रही है। सामान्यतः उत्तराखंड में मानसून 20 जून के आसपास पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रहने से करीब 10 दिन की देरी हुई।

राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में मानसून उत्तराखंड के शेष हिस्सों सहित उत्तर-पश्चिम भारत में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। वहीं, 2 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे प्रदेश में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है।

मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कई स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने सभी पर्वतीय जिलों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, अत्यंत तीव्र वर्षा और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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