हल्द्वानी में अवैध निर्माण पर बवाल, विकास प्राधिकरण पर दोहरे मापदंड के आरोप
“गरीब के लिए नियम, अमीर के लिए छूट?” हल्द्वानी में प्राधिकरण पर फूटा लोगों का गुस्सा
अवैध निर्माण को लेकर सड़क पर उतरे लोग, प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
मार्बल शोरूम विवाद ने खोली अवैध निर्माण की परतें, कार्रवाई पर उठे सवाल
हल्द्वानी। हल्द्वानी में अवैध निर्माण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। इस बार एक कथित अवैध मार्बल शोरूम के निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना वैध अनुमति के निर्माण कराया गया और विरोध करने पर दुकान के कर्मचारियों ने हाथापाई तक की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास प्राधिकरण नियमों का पालन समान रूप से नहीं करा रहा है। उनका आरोप है कि आम नागरिकों को अपने घर में छोटा-सा निर्माण कराने के लिए भी लंबी प्रक्रिया और अनुमति का सामना करना पड़ता है, जबकि प्रभावशाली लोगों और बड़े कारोबारियों के अवैध निर्माण पर विभाग आंखें मूंद लेता है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि निर्माण अवैध है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी हल्द्वानी में एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत की सुरक्षा दीवार तेज बारिश के बाद दरक गई थी। उस इमारत के ऊपर से 33 हजार केवी की विद्युत लाइन गुजर रही थी, जिससे बड़े हादसे की आशंका पैदा हो गई थी। उस घटना के बाद भी निर्माण कार्यों की निगरानी और जिम्मेदारी तय करने को लेकर कई सवाल उठे थे।
फिलहाल विकास प्राधिकरण पर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और विभाग की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। हालांकि लगातार सामने आ रहे ऐसे विवाद यह संकेत दे रहे हैं कि शहर में अवैध निर्माण की निगरानी और नियमों के निष्पक्ष पालन को लेकर लोगों का भरोसा कमजोर पड़ रहा है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित विभाग इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करता है या मामला केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रह जाएगा।


