धंसती पहाड़ी, बहता मलबा और दांव पर जिंदगियां बलियानाला में जिंदगियों की सरेआम अनदेखी
₹350 करोड़ खर्च के बाद भी बलियानाला में खतरा बरकरार, धंसती पहाड़ी और बहते मलबे से दहशत
बलियानाला: ₹350 करोड़ के ट्रीटमेंट के बाद भी नहीं टला खतरा विभागीय अधिकारियों की लापरवाही
नैनीताल। अतिसंवेदनशील बलियानाला क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट ने ग्राम प्रधानों, ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों के साथ क्षेत्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षात्मक कार्यों में गंभीर लापरवाही सामने आई।
ब्लॉक प्रमुख ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा हरिनगर पहाड़ी के संरक्षण के लिए ₹350 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत किए जाने के करीब डेढ़ वर्ष बाद भी नाले की जड़ों को सुरक्षित करने का कार्य पूरा नहीं हुआ है। इससे पहाड़ी लगातार कमजोर होती जा रही है और भविष्य में बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि निर्माण एजेंसी द्वारा बिना डंपिंग जोन के मलबा सीधे नाले में डाला गया, जिससे नीचे स्थित करीब एक दर्जन गांवों की उपजाऊ कृषि भूमि गाद और बजरी से पट गई। ग्रामीणों ने फसलें नष्ट होने और आजीविका पर संकट की शिकायत की।
ब्लॉक प्रमुख ने आरोप लगाया कि अवैध खनन और अतिक्रमण ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को ग्रामीणों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभावी बचाव एवं सुरक्षात्मक कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
वहीं तहसीलदार अक्षय भट्ट ने पूरे मामले की जांच के निर्देश देते हुए वन विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग, वन विभाग, राजस्व विभाग के अधिकारी, ग्राम प्रधान और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


