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उत्तराखंड के स्कूल स्टाफ का कारनामा सामने आया है। जिसमें अभिभावक द्वारा स्कूल से संबंधित दुकान से मौजे न खरीदने पर  टीचरों द्वारा छात्रों की  पिटाई सामने आया है। जिससे अभिभावक ने नाराजगी व्यक्त की व  जिलाधिकारी से शिकायत की है।

अभिभावक ने स्कूल की बताई दुकान से मौजे न खरीदने पर तीन बच्चों को कक्षा के बाहर खड़ा कर दिया। इसकी शिकायत अभिभावक सुनील रस्तोगी ने कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहा कि उनके तीन बच्चे मॉम्स प्राइड स्कूल में पढ़ते हैं।

आरोप है कि स्कूल से निर्धारित दुकान से मौजे न खरीदने पर तीनों बच्चों को कक्षा के बाहर खड़ा किया जा रहा था। शिकायत पर डीएम ने सीईओ को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

सीईओ के निर्देश पर बीईओ को शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए हैं। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार है। इसे सोमवार को सीईओ को सौंपा जाएगा। स्कूल के प्रधानाचार्य ने आरोप को निराधार बताया है। 

सुनील रस्तोगी ने डीएम को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि उनके तीन बच्चे मॉम्स प्राइड स्कूल में पढ़ते हैं। आरोप है कि स्कूल से निर्धारित दुकान से मौजे न खरीदने पर तीनों बच्चों को कक्षा के बाहर खड़ा किया जा रहा था।

स्कूल की ओर से तय दुकान पर एक जोड़ी मौजे 90 रुपये में मिल रहे थे। दूसरी दुकान से 90 रुपये में

तीन जोड़ी मौजे खरीदे और उन्हें पहनाकर ही बच्चों को स्कूल भेजा। लेकिन इससे नाराज होकर शनिवार सुबह संगीत और कराटे के शिक्षकों ने 7वीं में पढ़ने वाले बेटे अंगद की पिटाई की। उनके बेटे ने कराटे और संगीत के विषय नहीं लिए हैं। शिकायत करने पर प्रधानाचार्य ने टीसी काटकर बाहर करने की बात कही। 

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