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पतलोट महाविद्यालय में संस्कृत-भूगोल विषय, एमए कक्षाएं, प्राचार्य नियुक्ति और शिक्षकों के रिक्त पद भरने की उठाई मांग

देहरादून। उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने शुक्रवार को देहरादून में प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से मुलाकात कर भीमताल विधानसभा क्षेत्र की शिक्षा संबंधी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने क्षेत्र के महाविद्यालयों और विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की मांग की।

मंत्री राम सिंह कैड़ा ने शिक्षा मंत्री को अवगत कराया कि राजकीय महाविद्यालय पतलोट में वर्तमान में संस्कृत एवं भूगोल विषय संचालित नहीं हो रहे हैं। साथ ही यहां एमए की कक्षाएं भी शुरू नहीं हो सकी हैं। इसके कारण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है या कई विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पतलोट महाविद्यालय में प्राचार्य का पद भी लंबे समय से रिक्त है, जिससे महाविद्यालय के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने इस पद पर शीघ्र नियुक्ति करने का आग्रह किया।

मंत्री कैड़ा ने राजकीय महाविद्यालय रामगढ़ का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि महाविद्यालय के भवन का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है। स्थायी भवन के अभाव में छात्र-छात्राओं को अध्ययन-अध्यापन में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने भवन निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि शीघ्र स्वीकृत करने का अनुरोध किया।

इसके अलावा उन्होंने भीमताल विधानसभा के ओखलकांडा, धारी, रामगढ़ और भीमताल विकासखंडों के प्राथमिक विद्यालयों, उच्च प्राथमिक विद्यालयों, हाईस्कूलों और इंटर कॉलेजों में शिक्षकों के बड़ी संख्या में रिक्त पदों का मुद्दा भी शिक्षा मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है, इसलिए रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां की जाएं।

कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पतलोट महाविद्यालय में संस्कृत एवं भूगोल विषय शुरू किए जाएं, एमए की कक्षाओं का संचालन प्रारंभ किया जाए, प्राचार्य की नियुक्ति की जाए, रामगढ़ महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत की जाए तथा भीमताल विधानसभा के सभी विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए।

उन्होंने विश्वास जताया कि इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने से क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा।

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