दिनेशपुर में संयुक्त टीम की छापेमारी, मशीनें, भारी मात्रा में दवाएं और तैयार उत्पाद जब्त; लैब जांच के बाद होगी अंतिम पुष्टि
रुद्रपुर/दिनेशपुर। ऊधमसिंह नगर में नकली और मिलावटी दवाओं के कारोबार का एक और बड़ा मामला सामने आया है। बाजपुर में नकली अंग्रेजी दवाओं की फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद अब दिनेशपुर के गूलरभोज क्षेत्र में आयुर्वेदिक दवाओं के नाम पर कथित तौर पर चल रहे बड़े गोरखधंधे का खुलासा हुआ है। संयुक्त टीम की छापेमारी में भारी मात्रा में आयुर्वेदिक पाउडर, अंग्रेजी दवाइयां, दवा बनाने की मशीनें, पैक की गई तैयार दवाएं, एक अवैध हथियार और हिरण के सींग बरामद हुए हैं।
आयुष विभाग के निर्देश पर जिला प्रशासन की अनुमति से गठित संयुक्त टीम ने दिनेशपुर के मोतीपुर वार्ड-दो स्थित स्वरूप सिंह के परिसर में छापा मारा। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में आयुर्वेदिक पाउडर, मधुमेह समेत विभिन्न बीमारियों में उपयोग होने वाली अंग्रेजी दवाइयां, दवाओं को पीसने और मिश्रण तैयार करने वाली मशीनें तथा तैयार पैक दवाएं बरामद की गईं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि अंग्रेजी दवाओं को पीसकर आयुर्वेदिक पाउडर में मिलाया जाता था और तैयार उत्पाद विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों तक भेजे जाते थे। हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगी।
छापेमारी के दौरान एक अवैध हथियार और हिरण के सींग मिलने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस अब शस्त्र अधिनियम और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत भी अलग-अलग जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच में कई अन्य महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
इस कार्रवाई के बाद सरकारी निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। यदि इतने बड़े स्तर पर दवा निर्माण और सप्लाई का काम चल रहा था, तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली? निरीक्षण व्यवस्था, लाइसेंस और गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ गई है।
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. आलोक कुमार शुक्ला ने कहा कि आयुर्वेद जैसी विश्वसनीय चिकित्सा पद्धति के नाम पर किसी भी प्रकार की मिलावट या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, औषधि निरीक्षक ने बरामद अंग्रेजी दवाओं को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, जबकि पुलिस अन्य बरामद सामग्री के संबंध में अलग से कार्रवाई कर रही है।


