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43 छात्र-छात्राओं ने लिया प्रशिक्षण, उत्कृष्ट प्रतिभागियों का होगा छह दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम के लिए चयन

हल्द्वानी। उत्तराखण्ड सरकार के उच्च शिक्षा विभाग की महत्वाकांक्षी देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (EDI India) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय आवासीय बूट कैंप का मंगलवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया।

बागजाला स्थित प्रसार एवं प्रशिक्षण संस्थान (ETC) में आयोजित इस बूट कैंप का उद्देश्य नैनीताल जनपद के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों में उद्यमिता की भावना विकसित करना तथा उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना था।

समापन समारोह में प्रसार एवं प्रशिक्षण संस्थान की प्राचार्य पूनम कांडपाल, देवभूमि उद्यमिता योजना के नोडल अधिकारी एवं राजकीय महाविद्यालय रामगढ़ के डॉ. हरीश चंद्र जोशी तथा राजकीय महाविद्यालय दोसापानी की डॉ. कविता पंत ने संयुक्त रूप से प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए।

इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि वर्तमान समय में उद्यमिता केवल रोजगार का विकल्प नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की मजबूत नींव है।

उन्होंने विद्यार्थियों से नवाचार आधारित सोच विकसित कर स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यम स्थापित करने का आह्वान किया।

तीन दिवसीय आवासीय बूट कैंप में कुल 43 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण के दौरान उद्यमिता विशेषज्ञों ने उद्यमी मानसिकता का विकास, बिजनेस आइडिया तैयार करना, ब्रांडिंग, विपणन रणनीति, ब्रेनस्टॉर्मिंग और आइडिया वैलिडेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पांच तकनीकी सत्र आयोजित किए।

इसके अलावा समूह गतिविधियों, व्यावहारिक अभ्यासों और सहभागिता आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों के नेतृत्व, समस्या समाधान और व्यवसायिक कौशल को भी विकसित किया गया।

बूट कैंप के अंतिम दिन प्रतिभागियों ने अपने-अपने बिजनेस आइडिया की प्रभावशाली पिचिंग प्रस्तुत की। विद्यार्थियों ने स्थानीय उत्पादों, कृषि, पर्यटन, डिजिटल सेवाओं और नवाचार आधारित स्टार्टअप से जुड़े विभिन्न व्यवसायिक मॉडल प्रस्तुत किए, जिन्हें विशेषज्ञों ने सराहा और उन्हें आवश्यक सुझाव भी दिए।

कार्यक्रम के दौरान ईडीआई इंडिया के प्रोजेक्ट ऑफिसर (नैनीताल) भूपेंद्र सिंह मेहरा, प्रोजेक्ट ऑफिसर (अल्मोड़ा) महेंद्र सिंह रौतेला तथा डॉ. रजत शर्मा ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें अपने विचारों को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए प्रेरित किया।

विशेषज्ञों ने कहा कि सही योजना, नवाचार और निरंतर प्रयास के माध्यम से युवा रोजगार तलाशने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बन सकते हैं।

आयोजकों ने बताया कि राज्यभर में आयोजित इन तीन दिवसीय आवासीय बूट कैंपों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन आगामी छह दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) के लिए किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में चयनित विद्यार्थियों को व्यवसाय स्थापना, वित्तीय प्रबंधन, बाजार से जुड़ाव तथा स्टार्टअप संचालन का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उद्यमिता योजना का उद्देश्य युवाओं को कॉलेज शिक्षा पूरी करने के बाद स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित करना तथा उत्तराखण्ड में नवाचार आधारित स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना है।

यह पहल राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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