हरिद्वार। श्रावण कांवड़ मेला-2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मेला क्षेत्र को बेहतर प्रबंधन के उद्देश्य से 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में विभाजित करते हुए सुपर जोनल, जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी तैनात अधिकारी कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाएं, पार्किंग, यातायात व्यवस्था, घाटों की सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं हर समय सुचारु रूप से संचालित रहें, यह सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।
डीएम ने निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचें और पुलिस, स्वास्थ्य, नगर निगम, विद्युत, जल संस्थान सहित अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्या का त्वरित समाधान करें, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मेला क्षेत्र के प्रमुख स्थानों—हर की पैड़ी, अपर रोड, मनसा देवी, खड़खड़ी, सप्तऋषि, राष्ट्रीय राजमार्ग, रुड़की, लक्सर, बीएचईएल, बैरागी कैंप और गंगापार क्षेत्र—के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को सुपर जोनल मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं शेष 40 जोन और 141 सेक्टरों में भी जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करेंगे।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि श्रावण कांवड़ मेला उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश की आस्था का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। ऐसे में सभी अधिकारियों को टीम भावना, संवेदनशीलता और पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा, ताकि देशभर से आने वाले करोड़ों शिवभक्तों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को मेला अवधि के दौरान पूरी सतर्कता और समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं।


