नई शिक्षा नीति के 5+3+3+4 ढांचे की दी जानकारी, विकसित भारत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दिया संदेश
चोरगलिया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज चोरगलिया में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अंगीकरण दिवस की छठवीं वर्षगांठ के अवसर पर बुधवार को विविध शैक्षिक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को नई शिक्षा नीति की अवधारणा, उसके उद्देश्यों और भविष्य की शिक्षा व्यवस्था से परिचित कराना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत “ज्ञान का दीप जलाना है, भारत को आगे बढ़ाना है। नई शिक्षा नीति का यही संदेश, शिक्षित और सशक्त बने देश” के प्रेरणादायी संदेश के साथ हुई। अंग्रेजी शिक्षिका श्रीमती मंजूलता के निर्देशन में छात्राओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के 5+3+3+4 शिक्षा ढांचे की विस्तार से जानकारी दी गई और इसके महत्व को समझाया गया।
इस अवसर पर समाजशास्त्र प्रवक्ता श्रीमती ममता सुयाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रमुख प्रावधानों, उद्देश्यों तथा शिक्षा प्रणाली में होने वाले बदलावों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, कौशल आधारित शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती तनुजा जोशी ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की व्यवहारिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह नीति भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने का कार्य करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2040 तक इस नीति के प्रभाव से देश की शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक व्यवस्था में भी व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे।
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं के बीच भाषण एवं पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। भाषण प्रतियोगिता में शीतल मेलकानी ने प्रथम, अंशिका आर्या ने द्वितीय तथा खुशबू बिष्ट ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वहीं “विकसित भारत” की परिकल्पना विषय पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में मानसी चौहान ने प्रथम, कीर्ति ने द्वितीय तथा मानसी आर्या ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेता छात्राओं को विद्यालय परिवार की ओर से बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
इस अवसर पर बीना नगारी, मीनाक्षी जोशी, कंचन जोशी, रेखा आर्या, अमिता जोशी, ममता तिवारी सहित विद्यालय की समस्त शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का समापन नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के संकल्प के साथ हुआ।


