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तहसील और एसडीएम कार्यालय में अभिलेखों की जांच, एडीएम व सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी

हल्द्वानी। नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने शुक्रवार को हल्द्वानी तहसील एवं उपजिलाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्था का जायजा लिया। जिलाधिकारी के अचानक पहुंचने से तहसील और एसडीएम कार्यालय में कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न शाखाओं का अवलोकन करते हुए विशेष रूप से जमीनों की पैमाइश (सीमांकन) से संबंधित लंबित आवेदनों की फाइलों की जांच की।

जांच के दौरान तहसील कर्मियों की कार्यप्रणाली में गंभीर लापरवाही सामने आई। जिलाधिकारी ने पाया कि जिन मामलों का निस्तारण नियमानुसार दो दिनों के भीतर किया जाना चाहिए था, उनमें से कई फाइलें एक वर्ष से भी अधिक समय से लंबित पड़ी हैं। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से जवाब-तलब करते हुए नाराजगी व्यक्त की।

इसके बाद जिलाधिकारी एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने तहसील से भेजी गई फाइलों का भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने फाइलों के निस्तारण की प्रक्रिया, लंबित मामलों और रिकॉर्ड का बारीकी से परीक्षण किया तथा अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (एडीएम) और सिटी मजिस्ट्रेट को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित फाइलों और अनावश्यक देरी के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि सरकारी कार्यों में लापरवाही और आम जनता को अनावश्यक परेशान करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।

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