स्थानीय अस्पताल में नहीं मिली समुचित सुविधा, हल्द्वानी किया गया रेफर; ग्रामीण बोले- वर्षों से सड़क की मांग, अब भी सिर्फ आश्वासन

भीमताल। नैनीताल जिले की भीमताल विधानसभा के ओखलकांडा ब्लॉक में एक बार फिर सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली सामने आई है। ग्राम सभा डालकनया के चंदनपुर तोक निवासी मंजू पनेरु, पत्नी पुरन पनेरु, 4 अगस्त को पैर फिसलने से गंभीर रूप से घायल हो गईं।

चोट इतनी गंभीर थी कि वह चलने-फिरने की स्थिति में नहीं थीं। सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को उन्हें कुर्सी और लकड़ियों की सहायता से बनाई गई अस्थायी पालकी में बैठाकर करीब 4 से 5 किलोमीटर पैदल मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ा।

ग्रामीणों के अनुसार, घटना स्थल से मुख्य सड़क तक का पूरा रास्ता बेहद दुर्गम है। वर्षों से क्षेत्र के लोग सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क बनी होती तो घायल महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकता था और उन्हें इतनी कठिन परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता।

मुख्य सड़क तक पहुंचाने के बाद महिला को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सीधे हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र का अस्पताल लंबे समय से संसाधनों और सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है, जिससे मरीजों को छोटी-बड़ी हर आपात स्थिति में हल्द्वानी का रुख करना पड़ता है।

घटना के दौरान नित्यानंद पनेरु, प्रकाश बुग्याल, दिनेश, नारायण दत्त, दुर्गा दत्त, त्रिलोचन, कमल पनेरु (वार्ड सदस्य प्रतिनिधि), नीरज सहित अन्य ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल महिला को सुरक्षित मुख्य सड़क तक पहुंचाया। स्थानीय लोगों ने उनके इस प्रयास की सराहना की है।

ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी ओखलकांडा के कई गांव सड़क और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं। उनका आरोप है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि गांवों में पहुंचकर बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद क्षेत्र की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जाता। उनका कहना है कि सड़क, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों को आज भी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि इस घटना को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में शीघ्र सड़क निर्माण कराया जाए तथा स्थानीय अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक, उपकरण और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में लोगों को समय पर उपचार मिल सके।

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