सपनों में भारत, संकल्प में भारत और कर्म में भारत—यही है विकसित भारत की राह।
‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प के साथ युवाओं को किया प्रेरित
भीमताल। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल परिसर में 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति, एकता और उत्साह के साथ मनाया गया। “Yuva Shakti for Viksit Bharat@2047” तथा “150 Years of Vande Mataram” थीम पर आयोजित समारोह में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरा परिसर तिरंगे के रंगों, देशभक्ति गीतों और राष्ट्रप्रेम के भाव से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की एनसीसी टुकड़ी द्वारा भव्य गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ। सीनियर अंडर ऑफिसर हर्षद मेहता के नेतृत्व में एनसीसी कैडेट्स ने अनुशासन और समर्पण का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके बाद सेना से जुड़े रहे परिसर निदेशक ने एनसीसी दल का निरीक्षण किया। समारोह में पूर्ण लंबाई में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की छह कड़ियों का वादन किया गया, जिसके उपरांत परिसर निदेशक ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राष्ट्रगान के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने सम्मानपूर्वक खड़े होकर राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की।
एनसीसी कैडेट्स की आकर्षक परेड और सुरक्षा कर्मियों के मार्च पास्ट ने समारोह में अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूत किया। इस अवसर पर परिसर निदेशक ने स्वतंत्रता सेनानियों, दूरदर्शी नेताओं और देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उनके सम्मान में एक मिनट का मौन भी रखा गया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता लाखों देशभक्तों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है तथा इसकी रक्षा और सम्मान बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने ‘Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Act, 2026’ का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानूनी संरक्षण प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा, समर्पण और राष्ट्रभाव का प्रतीक है।
परिसर निदेशक ने विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करने में युवा शक्ति की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए शिक्षकों से विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और नवाचार क्षमता को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। उन्होंने छात्रों को शोध, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। साथ ही राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए अपने कार्यों से तिरंगे को सदैव ऊंचा रखने का संदेश दिया।
समारोह के अंतर्गत आयोजित “Celebrating the Colours of India” कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों ने देश के विभिन्न राज्यों एवं क्षेत्रों की पारंपरिक वेशभूषा धारण कर भारत की सांस्कृतिक विविधता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। बंगाल, पंजाब, बिहार, केरल और उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियों ने परिसर को भारत की विविध परंपराओं और संस्कृतियों के सुंदर संगम में परिवर्तित कर दिया।
इसके अलावा एनएसएस एवं स्वर तरंग क्लब के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भावपूर्ण कविताओं के माध्यम से उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। वर्ड व्हिम्स क्लब द्वारा आयोजित ‘Swaraj of Ideas’ प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों में देश, समाज और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया।
कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण ‘हर दिल तिरंगा, हर मन तिरंगा’ थीम पर आयोजित दो किलोमीटर लंबी तिरंगा रैली रही। विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने देशभक्ति के नारों के साथ परिसर से मेहरागांव तक मार्च किया और पुनः परिसर लौटे। रैली के दौरान स्थानीय निवासियों और दुकानदारों को तिरंगा बैज भी वितरित किए गए, जिससे पूरे क्षेत्र में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम का संचालन भूमिका नयाल, भाव्या विष्णोई, पीयूष पलारिया और स्मिति सिंह ने किया। समारोह के समापन पर सभी प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों को मिठाइयां वितरित की गईं।
संस्थापक अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) कमल घनशाला की ओर से परिसर निदेशक ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। साथ ही समारोह को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी क्लबों के लिए 50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई।
स्वतंत्रता दिवस समारोह ने ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों में राष्ट्रप्रेम, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को और अधिक मजबूत किया। कार्यक्रम ने युवाओं को “युवा शक्ति विकसित भारत 2047” के संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।










