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हल्द्वानी में करंट का कहर: पिता-पुत्री की दर्दनाक मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप

घर से सटे विद्युत पोल से करंट उतरने की आशंका, मोहल्लेवासियों का दावा—पहले भी कई बार की गई थी शिकायत

 हल्द्वानी। शहर में सोमवार देर शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। करंट की चपेट में आने से एक पिता और उनकी 12 वर्षीय मासूम बेटी की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जबकि स्थानीय लोगों में विद्युत विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

मृतकों की पहचान नदीम पुत्र फईम (लगभग 40-45 वर्ष) और उनकी 12 वर्षीय बेटी अलिशबा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उनके घर के समीप स्थित एक विद्युत पोल में करंट प्रवाहित हो रहा था। इसी दौरान पिता-पुत्री इसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए।

घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने दोनों को बचाने का प्रयास किया और आनन-फानन में उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया। लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। एक ही परिवार के दो सदस्यों की असामयिक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल परिसर में भी शोक और गम का माहौल बना रहा।

विद्युत विभाग पर गंभीर आरोप

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का आरोप है कि संबंधित विद्युत पोल में करंट आने की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी और इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से कई बार की गई थी। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि विभाग समय रहते शिकायतों को गंभीरता से लेकर आवश्यक कार्रवाई करता तो यह दर्दनाक हादसा टल सकता था और दो अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।

नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर जताया दुख

हादसे की सूचना मिलते ही हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, सपा प्रदेश प्रभारी अब्दुल मतीन सिद्दीकी, भाजपा नेता मजहर नईम नवाब, इसरार अहमद तथा समाजसेवी उवैस राजा सहित कई गणमान्य लोग सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और शोक संवेदना व्यक्त की।

जांच के बाद स्पष्ट होगी दुर्घटना की वजह

फिलहाल करंट आने के वास्तविक कारणों और हादसे की परिस्थितियों को लेकर जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना किन कारणों से हुई और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही हुई है या नहीं।

मुआवजे और कार्रवाई की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने विद्युत विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही मृतकों के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा दिए जाने की भी मांग उठाई गई है।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिता और बेटी की एक साथ हुई मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

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