14 माह के एक मासूम बच्चे की मौत के मामले में  दो चिकित्सकों समेत सात स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

बागेश्वर। जिला अस्पताल बागेश्वर में 14 माह के एक मासूम बच्चे की मौत के मामले में पुलिस ने गंभीर कार्रवाई करते हुए दो चिकित्सकों समेत सात स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

उपचार में कथित लापरवाही और समय पर एंबुलेंस उपलब्ध न कराने के आरोपों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। मामला पिछले वर्ष जुलाई का है, जिसकी जांच अब थराली थाने से स्थानांतरित जीरो एफआईआर के आधार पर बागेश्वर पुलिस द्वारा शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, चमोली जिले के थाना थराली क्षेत्र अंतर्गत चिड़िंगा खालसा निवासी दिनेश चंद्र जोशी ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 10 जुलाई 2025 को उनके 14 माह के पुत्र शिवांश की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। परिजन बच्चे को तत्काल उपचार के लिए ग्वालदम और बैजनाथ होते हुए जिला अस्पताल बागेश्वर लेकर पहुंचे।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अस्पताल पहुंचने के बाद बच्चे को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। साथ ही, गंभीर स्थिति में उसे उच्च केंद्र रेफर करने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराने में भी देरी हुई। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उपचार और परिवहन की व्यवस्था हो जाती तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. भूपेंद्र घटियाल और डॉ. अमित कुमार के अलावा नर्सिंग अधिकारी महेश कुमार एवं हिमानी, वार्डबॉय सूरज सिंह कनवाल तथा एंबुलेंस कर्मी ईश्वर सिंह टोलिया और लक्ष्मण कुमार को नामजद किया है।

पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा ने बताया कि थराली थाने से प्राप्त जीरो एफआईआर के आधार पर बागेश्वर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा उपचार से संबंधित अभिलेखों, ड्यूटी रजिस्टर, रेफरल प्रक्रिया और एंबुलेंस संचालन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।

पुलिस ने नामजद स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1) (लापरवाही अथवा उतावलेपन से मृत्यु कारित करना) और धारा 125 (दूसरे के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

इस मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मृतक बच्चे के परिजनों ने मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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