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हल्द्वानी। नगर निगम के वार्ड नंबर-9 की राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा पार्षद राजेंद्र जीना का निर्वाचन निरस्त किए जाने के बाद मामला अब उच्च न्यायालय तक पहुंचने की तैयारी में है।

राज्य आंदोलनकारी एवं पूर्व प्रत्याशी ललित जोशी ने न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान आयोग ने मनमानी की थी और उनके चुनाव में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली थी। उन्होंने कहा कि न्याय पाने का अधिकार सभी को है, इसलिए वह इस मामले को आगे की अदालत में ले जाएंगे।

वहीं पार्षद राजेंद्र जीना ने न्यायालय के फैसले पर असहमति जताते हुए कहा कि उनके खिलाफ दर्ज दो मुकदमे इतने गंभीर नहीं थे। उनका दावा है कि तत्कालीन त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के कार्यकाल में उनके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस हो चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों पुराने मामलों को अब दोबारा सामने लाकर “गड़े मुर्दे उखाड़ने” का काम किया जा रहा है और यह सब राजनीतिक दुर्भावना के तहत किया गया है।

राजेंद्र जीना ने स्पष्ट किया कि वह जिला न्यायालय के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।

ऐसे में वार्ड नंबर-9 की सियासत में नया मोड़ आ गया है और अब सभी की निगाहें उच्च न्यायालय के आगामी फैसले पर टिकी हुई हैं।

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