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नेपाल बाढ़ में 359 मौतें, 288 भारतीय लापता; महाराजगंज-कुशीनगर में हाई अलर्ट, भारत ने भेजी 37.5 टन राहत सामग्री

नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर अचानक आई बाढ़ ने मचाई तबाही; 1400 से ज्यादा लापता, 300 से अधिक भारतीय भी शामिल

नई दिल्ली/काठमांडू। नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ और अचानक आई जलप्रलय से हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। बाढ़ और उससे हुई तबाही में अब तक 359 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई इलाकों में सड़कें, पुल समेत अन्य बुनियादी ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं।

भारत के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि नेपाल में कम से कम 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें नेपाल घूमने गए पर्यटकों के साथ-साथ वहां काम करने वाले भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा करीब 200 अन्य लोग तिब्बत में फंसे हुए हैं। भारतीय और नेपाली अधिकारी फंसे हुए लोगों की जानकारी जुटाने तथा उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

तमिलनाडु के 21 नागरिक सुरक्षित बचाए गए

नेपाल में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। खराब मौसम और बाढ़ के कारण इन यात्रियों के सामने भी मुश्किलें खड़ी हो गई थीं। राहत एवं बचाव एजेंसियों की मदद से उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।

महाराजगंज और कुशीनगर में हाई अलर्ट

नेपाल में बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने नेपाल से भारत की ओर आने वाली नदियों के निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। विशेष रूप से गंडक नदी समेत अन्य जलस्रोतों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

प्रशासन की ओर से अधिकारियों को संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने गुरुवार को बाढ़ प्रभावित नुवाकोट जिले के बत्तार बाजार स्थित सेना प्रशिक्षण केंद्र का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों और राहत एजेंसियों से प्रभावित क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली तथा चल रहे खोज एवं बचाव अभियान की समीक्षा की।

नुवाकोट के कई हिस्सों में बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया है। सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत कार्यों में भी चुनौतियां सामने आ रही हैं। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित किया गया है। वहीं, मलबे और कीचड़ के नीचे लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए राहत एवं बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं।

ड्रोन फुटेज में दिखी बाढ़ की भयावह तस्वीर

नुवाकोट जिले के देवीघाट में अचानक आई बाढ़ के बाद की भयावह स्थिति ड्रोन फुटेज में सामने आई है। हवाई तस्वीरों में प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर जमा मलबा, क्षतिग्रस्त सड़कें और बुनियादी ढांचे को हुआ नुकसान साफ दिखाई दे रहा है।

बाढ़ के बाद कई इलाकों में कीचड़ और मलबा जमा होने से जनजीवन प्रभावित है। राहत दल प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने और संभावित रूप से फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हुए हैं।

भारत ने बढ़ाई राहत सहायता

नेपाल में जारी संकट के बीच भारत ने राहत एवं बचाव अभियान में मदद और बढ़ा दी है। भारतीय वायुसेना का एक और C-17 विमान 37.5 टन राहत सामग्री लेकर रवाना हुआ है। इसमें दवाइयां, भोजन और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं।

भारत की ओर से राहत सामग्री पहुंचाने के साथ ही नेपाल में संपर्क से बाहर चल रहे भारतीय नागरिकों का पता लगाने के प्रयास भी तेज किए गए हैं। भारतीय अधिकारी नेपाल के स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।

नेपाल में लगातार गंभीर बने हालात के बीच दोनों देशों की एजेंसियां राहत, बचाव और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के अभियान पर नजर बनाए हुए हैं। भारत की ओर से भी स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं।

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