नैनीताल के भूमियाधार जहां पर खुद विधायक का घर होने के बावजूद भी 12 साल से ग्रामीण मोटर मार्ग के तरसे

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला

नैनीताल। नैनीताल शहर से महज करीब 10 किलोमीटर दूर भूमियाधार क्षेत्र में सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। अक्सोड़ा वाहन मार्ग के जीर्णोद्धार की मांग को लेकर ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया और ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ के नारे लगाए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ क्षेत्र के युवा भी शामिल रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से लगातार गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब 12 वर्षों से क्षेत्र के लोग सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक कई बार सड़क की बदहाल स्थिति के कारण वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं और लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
बीमार और गर्भवती महिलाओं को पैदल ले जाने की मजबूरी
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की सुविधा नहीं होने का सबसे ज्यादा खामियाजा मरीजों और बुजुर्गों को भुगतना पड़ रहा है। कई बार मरीजों को सड़क तक या अस्पताल पहुंचाने के लिए पैदल ले जाने की नौबत आ चुकी है। आपात स्थिति में ग्रामीणों को समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हो पाता, जिससे परेशानी और बढ़ जाती है।
ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी बुनियादी जरूरत है। इसके बावजूद वर्षों से उनकी मांग को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
‘विधायक का क्षेत्र होने के बावजूद नहीं हुआ विकास’
ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि भूमियाधार क्षेत्र क्षेत्रीय विधायक सरिता आर्य के विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है और यह उनका गांव भी बताया जाता है, इसके बावजूद ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने सड़क निर्माण और मार्ग के सुधारीकरण की मांग रखी, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने पेयजल समस्या को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि ‘हर घर नल, हर घर जल’ योजना भी करीब एक वर्ष से अधूरी पड़ी है, जिसके कारण लोगों को पेयजल के लिए भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
2027 विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का ऐलान
लगातार उपेक्षा से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अक्सोड़ा मार्ग का निर्माण और जीर्णोद्धार नहीं किया गया तो ग्रामीण चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से आश्वासन सुनते आ रहे हैं, लेकिन अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उनका कहना है कि सड़क निर्माण का कार्य धरातल पर शुरू नहीं हुआ तो वे आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान से दूरी बनाएंगे।
बुधवार से जिला कार्यालय में अनशन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को अगले चरण में ले जाएंगे। ग्रामीणों ने कहा कि अक्सोड़ा मार्ग का जीर्णोद्धार नहीं किया गया तो बुधवार को जिला कार्यालय पहुंचकर अनशन शुरू किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर मार्ग के सुधारीकरण का कार्य शुरू कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सड़क और पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान गौरव बिष्ट, छात्र संघ पदाधिकारी करन कुमार, पंकज बिष्ट, उदय कुमार, नीरज बिष्ट, प्रकाश बिष्ट, हिमांशु बिष्ट, अधिवक्ता आकाश बिष्ट, गणेश आर्य, गौरव कुमार, रोहित कुमार, अर्जुन, दिव्यांशु, तुषार कुमार समेत कई ग्रामीण और युवा मौजूद रहे।

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