चंपावत। उत्तराखंड के चंपावत जिले में लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। बाराकोट ब्लॉक के घाट-पनार मोटर मार्ग पर घाट मसान देवता मंदिर के पास पहाड़ी से अचानक भारी बोल्डर गिरने से पांच युवक इसकी चपेट में आ गए।
हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार, यूके-05टीए-2878 नंबर की अल्टो कार में सवार युवक टिम्टा, गंगोलीहाट से पिथौरागढ़ की ओर जा रहे थे। घाट मसान देवता मंदिर के पास सड़क बंद होने के कारण चालक ने वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर दिया था। उस समय कार में दो युवक बैठे हुए थे, जबकि तीन युवक वाहन के बाहर खड़े थे।
इसी दौरान अचानक ऊपर पहाड़ी से एक भारी बोल्डर गिर पड़ा और देखते ही देखते कार के आसपास मौजूद सभी पांच युवक उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा, खाई से निकाले घायल
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले मदद के लिए मौके पर पहुंचे। मदन सिंह सामंत, शमशेर सिंह, मोहन सिंह, महेंद्र सिंह और पंकज तिवारी समेत कई स्थानीय लोगों ने राहत-बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और घायलों को खाई से बाहर निकालने में मदद की।
इसके बाद पुलिस, राजस्व विभाग, फायर सर्विस, एसडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाते हुए घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे में वाहन चालक सौरभ कुमार (24) पुत्र नरेंद्र कुमार, संदीप कुमार (35) पुत्र भवानी राम, सुनील कुमार (23) पुत्र आनंद राम, सुभाष चंद्र (44) पुत्र शिवराम और सुजल कुमार (17) पुत्र कृष्ण राम, सभी निवासी टिम्टा, घायल हो गए।
अस्पताल पहुंचने से पहले संदीप कुमार ने तोड़ा दम
हादसे में गंभीर रूप से घायल संदीप कुमार और सुनील कुमार को 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से उप जिला अस्पताल लोहाघाट पहुंचाया गया। हालांकि, संदीप कुमार ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।

उप जिला अस्पताल लोहाघाट के एमएस डॉ. विराज राठी के अनुसार, घायल सुनील कुमार के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए चंपावत रेफर किया गया है।
वहीं, सौरभ कुमार, सुभाष चंद्र और सुजल कुमार को उपचार के लिए पिथौरागढ़ के अस्पताल भेजा गया है। बताया जा रहा है कि घायलों में दो लोगों को अधिक गंभीर चोटें आई हैं, जबकि एक व्यक्ति को अपेक्षाकृत हल्की चोट है।
सीएमओ के निर्देश पर मौके पर पहुंची मेडिकल टीम
हादसे की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी तुरंत सक्रिय हो गया। सीएमओ डॉ. चुफाल के निर्देश पर मेडिकल टीम को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया और उनकी स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए अस्पताल भेजने की व्यवस्था की।
घायलों के अस्पताल पहुंचने के बाद सीएमओ डॉ. चुफाल स्वयं भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वार्ड में जाकर घायलों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और चिकित्सकों से उनकी स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।
सीएमओ ने संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकों को भी अस्पताल पहुंचने के निर्देश दिए और अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट कहा कि घायलों के उपचार में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी घायलों को तत्काल हरसंभव और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा जरूरत पड़ने पर अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जाएं।
डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने संभाली राहत कार्यों की कमान
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन भी तुरंत सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर एसडीएम नीतू डांगर टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया।
बारिश के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रहे भूस्खलन और बोल्डर गिरने की घटनाओं के बीच यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर यात्रा के खतरे को उजागर करता है। सड़क बंद होने के कारण वाहन किनारे खड़ा करना पांच युवकों के लिए जानलेवा साबित हुआ और अचानक गिरे भारी बोल्डर ने एक परिवार से उसका सदस्य हमेशा के लिए छीन लिया।




