नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर के वनस्पति विज्ञान एवं जंतु विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों ने सीएसआईआर-नेट (CSIR-NET) परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर परिसर का नाम रोशन किया है। सफल विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर शिक्षकों, विभागाध्यक्षों और विश्वविद्यालय परिवार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
वनस्पति विज्ञान विभाग की छात्रा पूजा गुप्ता ने सीएसआईआर-नेट परीक्षा में सफलता हासिल की है। पूजा गुप्ता ने वनस्पति विज्ञान विषय से एमएससी की शिक्षा पूर्ण की है। इससे पूर्व भी उन्होंने नेट फॉर लेक्चररशिप परीक्षा में सफलता प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। उनकी इस नई उपलब्धि से विभाग में खुशी का माहौल है।
इसी क्रम में वनस्पति विज्ञान विभाग की शोध छात्रा हीरा भट्ट ने भी सीएसआईआर-नेट लेक्चररशिप में सफलता प्राप्त की है। हीरा भट्ट वर्तमान में प्रोफेसर अनिल बिष्ट के निर्देशन में शोध कार्य कर रही हैं। उनकी सफलता को शोध एवं अकादमिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
जंतु विज्ञान विभाग के एमएससी तृतीय सेमेस्टर के छात्र सूरज कुमार ने सीएसआईआर-नेट जेआरएफ (JRF) परीक्षा में सफलता हासिल कर परिसर को गौरवान्वित किया है। जेआरएफ में सफलता से सूरज कुमार के लिए उच्चस्तरीय शोध कार्य और वैज्ञानिक क्षेत्र में आगे बढ़ने के नए अवसर खुलेंगे।
वहीं, वनस्पति विज्ञान विभाग की छात्राओं लता नितवाल और भावना पांडे ने भी नेट परीक्षा की तीसरी श्रेणी में प्रवेश हेतु पात्रता प्राप्त कर सफलता हासिल की है। एक साथ कई विद्यार्थियों की सफलता ने डीएसबी परिसर की शैक्षणिक और शोध गतिविधियों की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है।
विद्यार्थियों की इस शानदार सफलता पर कूटा अध्यक्ष प्रोफेसर ललित तिवारी सहित डॉ. नीलू, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. युगल जोशी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. कुबेर गिनती, डॉ. शिवांगी, डॉ. दीपिका गोस्वामी, डॉ. अनिल बिष्ट और डॉ. अशोक कुमार ने बधाई दी।
इसके अलावा प्रोफेसर हरीश बिष्ट, प्रोफेसर मनोज कुमार, डॉ. सीता देवली, डॉ. उज्मा, डॉ. दिव्या पांगती, डॉ. संदीप, एलुमनी सेल के डॉ. बी.एस. कालाकोटी, डॉ. एस.एस. सामंत, डॉ. ज्योति कांडपाल और डॉ. मीना जोशी ने भी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
शिक्षकों ने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता अन्य छात्र-छात्राओं के लिए भी प्रेरणादायक है। मेहनत, निरंतर अध्ययन और सही मार्गदर्शन के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की जा सकती है। डीएसबी परिसर के विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से पूरे विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है।




