उप खनिज निकासी की प्रक्रिया, डीएम ने विभागों को दिए तैयारियां पूरी करने के निर्देश
डंपरों की फिटनेस से लेकर बैरियर और नाप-तौल तक, उप खनिज निकासी की तैयारियों में जुटा प्रशासन
डंपर संगठन और क्वेरी संचालकों से समन्वय पर जोर, उप खनिज निकासी को लेकर डीएम ने दिए निर्देश
हल्द्वानी। नैनीताल जिले में उप खनिज निकासी की प्रक्रिया को सुचारू रूप से शुरू कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि 1 अक्टूबर 2026 से उप खनिज निकासी के लिए औपचारिक रूप से नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। इसके बाद अब संबंधित विभागों को निकासी क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निर्धारित प्रक्रिया के तहत उप खनिज निकासी का कार्य व्यवस्थित तरीके से शुरू हो सके।
जिलाधिकारी ने वन विकास निगम, परिवहन विभाग और खान विभाग को आपसी समन्वय के साथ सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वन विकास निगम को उप खनिज निकासी वाले क्षेत्रों में अप्रोच रोड, संपर्क मार्ग, बैरियर समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने को कहा है। निकासी शुरू होने के बाद किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए, इसके लिए खनिज की नाप-तौल में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का कैलिब्रेशन समय से पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
डंपरों की फिटनेस और जरूरी औपचारिकताएं समय से पूरी हों
उप खनिज निकासी में बड़ी संख्या में डंपर एवं अन्य वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को भी आवश्यक कार्रवाई समय से पूरी करने को कहा है। विभाग को निकासी कार्य में लगाए जाने वाले डंपरों एवं अन्य वाहनों की फिटनेस जांच तथा मोटर वाहन अधिनियम के तहत आवश्यक औपचारिकताएं समय रहते पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम ने स्पष्ट किया कि निकासी शुरू होने के बाद वाहनों से संबंधित किसी तरह की परेशानी उत्पन्न न हो, इसके लिए संबंधित विभाग पहले से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर लें।
डंपर संगठन और क्वेरी संचालकों से समन्वय पर जोर
जिलाधिकारी ने जिला खनिज अधिकारी को डंपर संगठन, क्वेरी संचालकों तथा उप खनिज निकासी से जुड़े अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ लगातार विचार-विमर्श और समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निकासी व्यवस्था से जुड़े सभी पक्षों के सुझाव और व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
इसके साथ ही श्रमिकों की उपलब्धता समेत उप खनिज निकासी से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को भी समय रहते पूरा करने पर जोर दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि निकासी प्रक्रिया शुरू होने के बाद किसी भी स्तर पर अनावश्यक व्यवधान की स्थिति न बने और संबंधित विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का समयबद्ध तरीके से निर्वहन करें।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि उप खनिज निकासी की पूरी व्यवस्था में विभागीय समन्वय और समयबद्ध तैयारियां महत्वपूर्ण हैं। जिला प्रशासन का फोकस सभी संबंधित विभागों, डंपर संगठन, क्वेरी संचालकों और अन्य स्टेकहोल्डर्स के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर उप खनिज निकासी कार्य को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुचारू रूप से संचालित कराने पर है।





































