उत्तराखंड  में इन दोनों आम जनता के बाद अब उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री व विपक्षी पार्टी के विधायक भी अपनी जान माल व बच्चों की सुरक्षा को लेकर मीडिया के सामने व सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे हैं।

क्या वाकई कैबिनेट मंत्री व विपक्षी पार्टी के विधायक वास्तव में पीड़ित हैं या 2027 चुनाव को लेकर कुछ राजनीतिक रोटियां तो नहीं सेकी जा रही है लोगों के मन में तरह-तरह की आशंकाएं हैं। आम जनता द्वारा इस पर तरह-तरह के कयास लगाई जा रहे हैं। आम जनता की शुद्ध नहीं लेने वाले नेताओं को विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही अपनी जान माल के खत्रे की आशंका कैसे व्यक्त की जा रही है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी के आरोप

कई महिलाओं से संबंध रखने का आरोप, विरोध करने पर मारपीट का दावा

देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ देहरादून की कैंट कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। मंत्री की शिकायत के बाद मामला सामने आने से प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी, मारपीट, जान से मारने की धमकी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एससी-एसटी एक्ट) सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मंत्री ने अपने पति पर विवाह के समय पहले से शादीशुदा होने की बात छिपाने, कई महिलाओं से कथित अवैध संबंध रखने, विरोध करने पर मारपीट और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके अलावा, उन्होंने अपने हस्ताक्षरों की कथित कूटरचना कर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कंपनी के निदेशक पद से हटाए जाने और खुद व अपने नाबालिग बच्चों की जान को खतरा होने की आशंका भी जताई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

विवाह के समय खुद को अविवाहित बताने का आरोप

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या यमुना कॉलोनी स्थित सरकारी आवास में रहती हैं। पुलिस को दी गई तहरीर में उन्होंने बताया कि उनका विवाह 6 जुलाई 2004 को उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू के साथ हुआ था। मंत्री का आरोप है कि विवाह के समय उनके पति ने खुद को अविवाहित बताया था।

रेखा आर्या के मुताबिक, बाद में उन्हें जानकारी मिली कि गिरधारी लाल साहू पहले से विवाहित थे और उनकी पहली शादी से बच्चे भी हैं। इस जानकारी के सामने आने के बाद भी उन्होंने पारिवारिक परिस्थितियों और अपने बच्चे के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लंबे समय तक चुप रहना उचित समझा। उन्होंने बताया कि परिजनों की समझाइश के चलते भी वह इस मामले को लेकर पहले सामने नहीं आईं।

कई महिलाओं से संबंध रखने का आरोप, विरोध करने पर मारपीट का दावा

मंत्री ने अपनी शिकायत में पति पर कई महिलाओं के साथ कथित अवैध संबंध रखने का आरोप लगाया है। तहरीर के अनुसार, जब उन्होंने इस संबंध में आपत्ति जताई तो आरोपी ने लिखित और मौखिक रूप से माफी मांगी। हालांकि, मंत्री का आरोप है कि माफी मांगने के बावजूद कथित गतिविधियां जारी रहीं।

रेखा आर्या ने शिकायत में कहा है कि जब उन्होंने इन गतिविधियों का विरोध किया तो उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देहरादून स्थित सरकारी आवास में स्टाफ के सामने उनके लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।

मंत्री की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में मारपीट, अपमानित करने और एससी-एसटी एक्ट से संबंधित प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की है। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

हस्ताक्षरों की कूटरचना कर निदेशक पद से हटाने का आरोप

रेखा आर्या ने अपने पति पर दस्तावेजों में कथित हेराफेरी करने का भी गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, उनके हस्ताक्षरों की कूटरचना कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और उन्हीं के आधार पर उन्हें संबंधित कंपनियों के निदेशक पद से सेवानिवृत्त दर्शा दिया गया।

मंत्री का कहना है कि उन्होंने संबंधित पदों से हटने के लिए कोई त्यागपत्र नहीं दिया था। इसके बावजूद दस्तावेजों के माध्यम से उन्हें पद से हटाए जाने की प्रक्रिया दर्शाई गई।

इस मामले में पुलिस धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने तथा उनके इस्तेमाल से जुड़ी धाराओं के तहत जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित दस्तावेज कैसे तैयार किए गए, उन पर किए गए हस्ताक्षरों की वास्तविकता क्या है और कथित रूप से उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।

ऑडियो मिलने के बाद जान का खतरा होने की जताई आशंका

मंत्री रेखा आर्या ने अपनी शिकायत में सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है। उनके मुताबिक, हाल ही में उन्हें एक ऑडियो प्राप्त हुआ, जिसमें कथित तौर पर उनके पति एक महिला से बातचीत के दौरान उन्हें जान से मारने की साजिश रचते सुनाई दे रहे हैं।

मंत्री ने इस ऑडियो के आधार पर अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को खतरा बताया है। उन्होंने पुलिस से मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई करने और अपनी तथा बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

ऑडियो में बातचीत की वास्तविकता, उसकी प्रामाणिकता और उसमें कही गई बातों के संदर्भ की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।

कैंट कोतवाली में इन धाराओं में मुकदमा दर्ज

एसपी सिटी शेखर सुयाल के मुताबिक, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की शिकायत के आधार पर उनके पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

दी गई जानकारी के अनुसार, मुकदमे में भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B, 323, 420, 467, 468, 471, 495, 498-A, 504 और 506 के साथ एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध) और 3(2) शामिल हैं।

इन धाराओं में आपराधिक साजिश, मारपीट, धोखाधड़ी, जालसाजी, पहले से विवाह होने की बात छिपाने, वैवाहिक क्रूरता, अपमान और आपराधिक धमकी सहित विभिन्न आरोपों से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। पुलिस शिकायत में उल्लिखित तथ्यों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

जांच के बाद स्पष्ट होगी मामले की वास्तविकता

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की ओर से अपने पति के खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। शिकायत में वैवाहिक संबंधों से जुड़े विवाद के साथ कथित वित्तीय और दस्तावेजी अनियमितताओं तथा सुरक्षा संबंधी चिंताओं का भी उल्लेख किया गया है।

फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों, कथित ऑडियो और दस्तावेजों की सत्यता की पड़ताल की जाएगी।

महत्वपूर्ण बात यह है कि मुकदमा दर्ज होना आरोपों का प्रमाण नहीं है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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