स्थाई राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू, पहले दिन अनिल बहुगुणा, रमेश थपलियाल और भुवन कठेत अनशन में बैठे

सेवानिवृत्त IAS विनोद प्रसाद रतूड़ी के नेतृत्व में आंदोलन का आगाज, पहाड़ी आर्मी ने दिया समर्थन आगामी विधानसभा सत्र में गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग

उत्तराखण्ड की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाए जाने की मांग को लेकर आज रविवार, 18 अक्टूबर 2026 से हल्द्वानी के बुद्ध पार्क, में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन प्रारंभ हो गया उन्होंने कहा कि 106 दिन अनशन देहरादून में पिछले वर्ष हुआ उसके बाद पूरे राज्य के पैदल भ्रमण किया गया और अब स्थाई राजधानी की निर्णायक जंग हल्द्वानी से लड़ी जाएगी

सेवानिवृत्त आईएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी के नेतृत्व में शुरू हुए इस आंदोलन के प्रथम दिन अनिल बहुगुणा, भुवन कठायत और रमेश थपलियाल क्रमिक अनशन पर बैठे।

आंदोलन की प्रमुख मांग है कि उत्तराखण्ड सरकार आगामी गैरसैंण विधानसभा सत्र में ही गैरसैंण को प्रदेश की स्थायी राजधानी घोषित करने का निर्णय ले।

आंदोलन को विभिन्न संगठनों का समर्थ दिया पहाड़ी आर्मी के संस्थापक हरीश रावत ने भी आंदोलन स्थल पहुंचकर स्थायी राजधानी की मांग का समर्थन किया।

किसान मंच उत्तराखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष किसान पुत्र कार्तिक उपाध्याय ने भी आंदोलन स्थल पहुंचकर समर्थन दिया और कहा गैरसैंण को पहाड़ की अस्मिता, राज्य आंदोलनकारियों के सपनों और पर्वतीय क्षेत्रों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया गया।

अनशन में बैठे देहरादून से हल्द्वानी पहुंचे रमेश थपलियाल ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण पहाड़ के अस्तित्व, अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए हुआ था, लेकिन राज्य गठन के वर्षों बाद भी स्थायी राजधानी का प्रश्न अधूरा है।

उन्होंने कहा, “पहाड़ के खेत, किसान, गांव और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बचाने के लिए गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाना आवश्यक है। राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों के सपनों को अब और अधूरा नहीं रखा जाना चाहिए।

गैरसैंण पहाड़ की पहचान और भविष्य से जुड़ा सवाल : पहाड़ी आर्मी

पहाड़ी आर्मी की भागीदारी के साथ पहाड़ की पहचान, पलायन, रोजगार और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास से जुड़े सवाल भी आंदोलन में सामने आए।

आगामी विधानसभा सत्र में निर्णय लेने की मांग

आंदोलनकारी भुवन कठेत, अनिल बहुगुणा और गोपाल दत्त कुमोड़ी का कहना है कि गैरसैंण में विधानसभा भवन होने और ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा मिलने के बावजूद स्थायी राजधानी का सवाल लंबित है।

इनकी मांग है कि सरकार आगामी गैरसैंण विधानसभा सत्र में स्थायी राजधानी को लेकर स्पष्ट और ठोस निर्णय ले।

आंदोलन में आनंद राम,पहाड़ी आर्मी के जिलाध्यक्ष फौजी राजेंद्र कांडपाल, प्रेमा मेर, आनंद सिंह कन्याल, अंजू पांडे,ललित मोहन सिंह जीना,सुनील सिंह,विजय जोशी, कार्तिक उपाध्याय, पवन रावत, भोपाल बोरा, हिमांशु शर्मा , अजय सिंह,प्रदीप रौतेला, संजय बिष्ट, मनोज सिंह राहुल सिंह धर्मावला करण सिंह बिष्ट संजय रौतेला,कमल रावत,आदि दर्जनों आंदोलनकारी मौजूद रहें।

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