गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र मंगलवार से भराड़ीसैंण में शुरू हो रहा है। चुनावी साल में आयोजित हो रहे इस सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। कांग्रेस ने अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय की मांग समेत महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है।

वहीं, सरकार के सामने विधायकों की ओर से पूछे गए करीब 445 सवालों के जवाब देने की चुनौती होगी। सत्र के दौरान सात हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया जाना है। इसके साथ ही नौ विधेयक भी सदन में रखे जाने की संभावना है।

मौजूदा विधानसभा का यह संभावित अंतिम सत्र होने और आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए इसका राजनीतिक महत्व बढ़ गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही सदन में अपने-अपने मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में हैं। ऐसे में सदन के भीतर सवाल-जवाब, आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

अंकिता भंडारी प्रकरण समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस

कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर मंगलवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। पार्टी इस प्रकरण के अलावा महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाएगी। विपक्ष इन मुद्दों पर सदन में स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी भी कर रहा है।

कांग्रेस की रणनीति सदन के भीतर सवाल उठाने के साथ ही सड़क पर विरोध प्रदर्शन करने की है। पार्टी का प्रयास रहेगा कि इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाए और जनता से जुड़े विषयों को सदन की चर्चा के केंद्र में लाया जाए।

किच्छा का थप्पड़ कांड भी सदन में उठने के आसार

विधानसभा सत्र में किच्छा नगर पालिका चुनाव के दौरान हुई कथित मारपीट का मामला भी उठ सकता है। चुनाव के दौरान एक बूथ पर कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के साथ मारपीट किए जाने का आरोप सामने आया था। इस मामले में भाजपा नेता और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थकों पर विधायक को थप्पड़ मारने के आरोप लगाए गए थे।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट पार्टी इस मामले को सदन में विशेषाधिकार हनन के तहत उठाने पर विचार कर रही है। यदि यह मुद्दा सदन में उठता है तो सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।

चुनावी माहौल में अहम रहेगा सत्र

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इस सत्र को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस जहां सरकार को जनसमस्याओं और विवादित मामलों पर घेरने की तैयारी में है, वहीं भाजपा विधानमंडल दल ने विपक्ष के सवालों का जवाब देने की रणनीति बनाई है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि दो दिनों के इस सत्र में कितने सवालों पर चर्चा हो पाती है, अनुपूरक बजट और विधेयकों को लेकर सदन में क्या बहस होती है और अंकिता भंडारी प्रकरण समेत अन्य मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव किस स्तर तक पहुंचता है।

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