द्वाराहाट में पंचायत प्रतिनिधियों का प्रदर्शन, विधायकों से सदन में मुद्दे उठाने की अपील
अल्मोड़ा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति, ग्राम पंचायतों की लंबित समस्याओं के समाधान और मनरेगा के रुके भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को ब्लॉक प्रमुख आरती किरौला के नेतृत्व में ग्राम प्रधान संगठन के सदस्यों ने मुख्य चौराहे पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। पंचायत प्रतिनिधियों ने पहाड़ की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मनरेगा के नियमों में शिथिलता देने, लंबित भुगतान जल्द जारी करने और पंचायतों को विभागीय कार्यों का हस्तांतरण करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के संचालन में लगातार आ रही बाधाओं का जल्द समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों पर अनावश्यक वित्तीय भार पड़ने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में ग्राम पंचायतों को आर्थिक दबाव से मुक्त करने के साथ ही लंबित भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाना जरूरी है।
गैरसैंण में शुरू होने जा रहे विधानसभा सत्र में शामिल होने के लिए जा रहे नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और स्थानीय विधायक मदन सिंह बिष्ट सहित अन्य विधायकों को पंचायत प्रतिनिधियों ने मांग पत्र सौंपे। इनमें ग्राम पंचायतों की समस्याओं और लंबित मांगों का उल्लेख करते हुए सदन में इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की अपील की गई।
पंचायत प्रतिनिधियों ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या के साथ ही कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत, किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ और हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश समेत अन्य जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को विधानसभा में उठाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का आग्रह किया।
मनरेगा के नियम पहाड़ के अनुरूप बनाने की मांग
पंचायत प्रतिनिधियों की प्रमुख मांगों में जीरामजी (मनरेगा) के नियमों को पर्वतीय क्षेत्रों की परिस्थितियों के अनुरूप शिथिल करना शामिल है। उनका कहना है कि पहाड़ों में भौगोलिक परिस्थितियां मैदानी क्षेत्रों से अलग हैं, इसलिए यहां योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय जरूरतों और व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
इसके साथ ही मनरेगा के तहत किए गए कार्यों का लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग भी उठाई गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि भुगतान में देरी होने से पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के संचालन में परेशानी आती है। ग्राम पंचायतों को अनावश्यक वित्तीय भार से मुक्त करने और विभागीय कार्यों का पंचायतों को हस्तांतरण करने पर भी जोर दिया गया।
आज गैरसैंण कूच का ऐलान
पंचायत प्रतिनिधियों ने मंगलवार को गैरसैंण कूच करने का ऐलान किया है। उनका उद्देश्य विधानसभा सत्र के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों और पंचायतों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना है। प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि जनप्रतिनिधि सदन में इन समस्याओं को उठाकर उनके समाधान के लिए सरकार पर दबाव बनाएंगे।
प्रदर्शन में किशन सिंह कुवार्बी, मनोज मेहरा, प्रकाश अधिकारी, पंकज बिष्ट, मोहन किरौला, दीपक अधिकारी, राजेंद्र सिंह, हिमांशु पांडे, हिम्मत आर्या, किरन चौधरी, बीना कबडवाल और लीला भंडारी समेत कई ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने से लेकर पंचायतों के वित्तीय अधिकारों और विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि गैरसैंण विधानसभा सत्र में उनकी मांगों पर गंभीरता से चर्चा होगी और लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

