भीमताल में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन, सरकारी कामकाज को अधिक सरल और प्रभावी बनाने पर दिया गया जोर
भीमताल। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल परिसर में उत्तराखंड पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीटीकुल) के 25 कर्मचारियों के लिए 27 और 28 अक्टूबर को “प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, एआई टूल्स एंड एप्लीकेशंस” विषय पर दो दिवसीय क्षमता विकास कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला का उद्देश्य कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की व्यावहारिक जानकारी देकर सरकारी कामकाज में दक्षता बढ़ाना, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना और तकनीक आधारित सुशासन को प्रोत्साहित करना था।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि लालित मोहन बिष्ट, मुख्य अभियंता (अतिरिक्त प्रभार)/अधीक्षण अभियंता, पीटीकुल, कुमाऊं जोन, हल्द्वानी की उपस्थिति में हुआ।
इस अवसर पर भीमताल परिसर के निदेशक ने विश्वविद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) कमल घनशाला की कुमाऊं क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने की परिकल्पना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सरकारी विभागों के साथ मिलकर कार्य करने और कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकों के उपयोग में दक्ष बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पहले भी विश्वविद्यालय द्वारा यूपीसीएल और उत्तराखंड सरकार के पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के लिए क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
तकनीकी सत्र में निदेशक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जनरेटिव एआई की कार्यप्रणाली तथा सरकारी प्रशासन में उनके उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि प्रभावी प्रॉम्प्ट के जरिए नियमित कार्यालयी कार्यों को कम समय में और अधिक कुशलता से पूरा किया जा सकता है।
प्रो. अंकुर बिष्ट ने सार्वजनिक सेवाओं की उपलब्धता, डेटा आधारित निर्णय लेने और सरकारी प्रशासन में एआई की उपयोगिता के साथ इसके क्रियान्वयन की चुनौतियों पर चर्चा की। प्रो. (डॉ.) नवीन तिवारी ने प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग की व्यावहारिक तकनीकों और सरकारी कार्यालयों में चैटजीपीटी के उपयोग की जानकारी दी। वहीं, गोविंद सिंह जेठी ने एआई की सहायता से सरकारी पत्र, परिपत्र, नोटिस, बैठक का सारांश, परियोजना प्रस्ताव, निरीक्षण रिपोर्ट और नीतिगत नोट तैयार करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।
कार्यशाला के दूसरे दिन सरकारी कार्यप्रणाली में एआई टूल्स के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रो. मुकेश जोशी ने गूगल जेमिनी के माध्यम से दस्तावेज तैयार करने, डेटा विश्लेषण और प्रस्तुतियां बनाने की जानकारी दी। प्रो. जितेंद्र कुमार चौधरी ने माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट के उपयोग से दस्तावेजीकरण, रिपोर्ट तैयार करने और आधिकारिक संवाद को सरल बनाने के तरीके समझाए।
डॉ. हिमांशु पंत ने प्रस्तुतियां, परियोजना विवरण और बैठक के नोट्स तैयार करने में एआई की भूमिका का प्रदर्शन किया। उन्होंने एआई से तैयार सामग्री की सत्यता जांचने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। समापन तकनीकी सत्र में अनुभव बेवरवाल ने डेटा गोपनीयता, नैतिकता और साइबर सुरक्षा पर जानकारी देते हुए गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा तथा भ्रामक जानकारी से बचने के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यशाला के समापन समारोह में कंप्यूटर एप्लीकेशंस विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) संदीप कुमार बुधानी ने पीटीकुल के प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान कर्मचारियों को दैनिक कार्यों को सरल बनाने, समय बचाने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में सहायक होगा।
कार्यक्रम के समन्वय के लिए एसोसिएट प्रोफेसर एवं सहायक अधिष्ठाता (प्रशिक्षण एवं परियोजनाएं) डॉ. श्याम एस. कापड़ी के योगदान की सराहना की गई। कार्यशाला के सह-संयोजक प्रो. (डॉ.) संदीप कुमार बुधानी और गोविंद सिंह जेठी के योगदान को भी सराहा गया।

