गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में सत्र के अंतिम दिन हंगामे के बीच ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट और 10 विधेयक पारित
गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में सत्र के अंतिम दिन बुधवार को विपक्षी कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया। कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत भ्रष्टाचार पर चर्चा कराने की मांग स्वीकार नहीं किए जाने से नाराज कांग्रेस विधायकों ने सदन में जमकर हंगामा किया। विपक्षी विधायक अध्यक्ष के आसन के सामने पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए काले झंडे लहराए। इस दौरान कार्यसूची की प्रतियां फाड़ी गईं और सचिव की टेबल पर पुस्तकें भी पटकी गईं। विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी।
हालांकि, सदन में जारी हंगामे के बीच ही सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट और 10 विधेयक पारित करा दिए। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। अंतिम दिन की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
इस फैसले के बाद कांग्रेस विधायक नाराज हो गए और अध्यक्ष के आसन के सामने पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। विधायकों ने काले झंडे लहराते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। सदन में बढ़ते हंगामे को देखते हुए कार्यवाही सुबह 11:20 बजे तक स्थगित कर दी गई। इसके बावजूद विपक्ष का विरोध थमा नहीं और सदन दोबारा शुरू होने पर भी हंगामे का माहौल बना रहा।
कार्यसूची की प्रतियां फाड़ीं, सचिव की टेबल पर पटकीं पुस्तकें
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने सदन की कार्यसूची की प्रतियां फाड़कर उछालीं। कुछ विधायकों ने सचिव की टेबल पर पुस्तकें भी पटक दीं। विपक्षी सदस्यों के इस व्यवहार से सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और विधानसभा को तीन बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने विपक्ष के इस रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कांग्रेस विधायकों से सवाल किया कि कार्यसूची और अन्य पत्रावलियों को फाड़कर सदन में उछालना किस तरह का व्यवहार है। अध्यक्ष ने नारेबाजी के दौरान ‘झुमका’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई और सदन की गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए अनुपूरक बजट के पारित होने से राज्य सरकार के विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजटीय प्रावधानों का रास्ता साफ हुआ। हालांकि, सदन के अंतिम दिन भ्रष्टाचार पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच टकराव ही कार्यवाही का प्रमुख केंद्र बना रहा।
अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई सदन की कार्यवाही
लगातार हंगामे और नारेबाजी के बीच विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। इसके साथ ही गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र का समापन हो गया।
सत्र के अंतिम दिन हुए घटनाक्रम ने एक बार फिर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव को उजागर किया। कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया, जबकि सरकार ने हंगामे के बीच बजट और विधायी कार्यवाही पूरी की। सदन में हुई नारेबाजी, काले झंडों के प्रदर्शन और कार्यवाही के बार-बार स्थगन के कारण अंतिम दिन का घटनाक्रम काफी चर्चा में रहा।

