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सड़क की मांग को लेकर ग्रामीण मुखर ग्रामीणों ने कहा ‘रोड नहीं तो वोट नहीं

शंकर फुलारा -संपादक

भीमताल/ओखलकांडा। रौ घाटी क्षेत्र की विभिन्न मांगों को लेकर आज फिर से ग्रामीण मुखर हुए। सड़क का निर्माण, डामरीकरण तथा स्थानीय विद्यालय में नये विषय चलाने की मांग को लेकर रौ घाटी क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आये ग्रामीणों ने हल्द्वानी-पतलोट मार्ग पर करायल में धरना-प्रदर्शन कर अपना रोष व्यक्त किया।

कहा कि लम्बे समय से की जा रही मांगों पर सरकार व प्रशासन की अनदेखी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा देते हुए आंदोलन को उग्र रूप देने का निर्णय लिया।

रौ घाटी क्षेत्र के विभिन्न गांवों जमराडी, टकुरा, बैकुना, तुषराड़, थलाडी, गंगोलीगाड़, रमैलागांव, पैटना, स्योनारी तथा पुटपुड़ी आदि गांवों से यहां हल्द्वानी पतलोट मोटर मार्ग पर करायल में बड़ी संख्या में पहुँचे ग्रामीणों ने लम्बे समय से चली आ रही करायल-टकुरा मोटर मार्ग के डामरीकरण की मांग के साथ ही विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया तथा धरना दिया।

इस दौरान आयोजित सभा में ग्रामीणों ने सरकार तथा प्रशासन पर उनकी मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया। साथ ही जनप्रतिनिधियों सांसद व विधायक पर उनकी जायज मांगों पर ध्यान न देने तथा मात्र आश्वासन देने और फिर भूल जाने का आरोप लगाया।

ग्रामीणों ने बताया कि 80 के दशक में क्षेत्र को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए बने मोटर मार्ग में लगभग 2 किमी मार्ग वन विभाग के क्षेत्र के अन्तर्गत आता है।

इससे आगे दो मोटर मार्ग गंगोलीगाड़ तथा तुषराङ को जोड़ने हेतु प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अन्तर्गत बनाये गये है तथा डामरीकृत है। बचे हुए इस छोटे भाग में डामरीकरण न होने के कारण बरसात में ग्रामीणों को आवागमन में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों ने लम्बे समय से मांग के बावजूद 40 सालों से सड़क के वन विमाग से पी०डब्लु०डी० को स्थानान्तरण न होने पर रोष जताया। ग्रामीणों ने उसी सड़क से देवली भीड़ापानी मार्ग को जोड़ने की मांग की।

उन्होंने बताया कि मात्र 5 कि०मी० रोड न बन पाने के कारण इस क्षेत्र के लोगों को उक्त मार्ग से आवागमन करने के लिए 60 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है।

इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय इण्टर मीडिएट कॉलेज पैटना में इण्टर में जीवविज्ञान विषय शुरू करने की मांग की। ग्रामीणों ने मांगे पूरी न होने पर आंदोलन को और उग्र करने का निर्णय लिया।

धरना स्थल पर आयोजित सभा में क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने भागीदारी की। 

वर्ष 20230मई में लोकनिर्माण विभाग द्वारा तुसराड से मारनौला मौला रोड में मिलान हेतु सर्व की जा चुकी है जो डहरादून की विभाग में भेज दी गई है। और जो 5.0km, रोड की सर्वे हुई है इसमें सब नापभूमि  पड़ती है।

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