भीमताल में महाशिवरात्रि की पावन पर्व पर भीमेष्वर मंदिर को रंग बिरंगी बिजली की मालाओं से से सजाया गया
श्रद्धालुओ शिवरात्रि की एक दिन पहले ही पूजा अर्चना करने के लिए पहुंचते हैं
रिपोर्टर – गुड्डू सिंह ठठोला
भीमताल। उत्तराखण्ड को देव भूमि कहा गया है यहा कण कण मे शिव निवास करते है ऐसा ही एक मंदिर नैनीताल के भीमताल मे भीमेष्वर महादेव के नाम से स्थित है जहा शिव रात्रि में श्रद्वालू द्वारा पूजा अर्चना व जलाभिशेक किया जाता है।
इस शिव रात्रि में मंदिर को दुल्हन कि तरह सजाया गया है मंदिर में श्रद्वालुओ का आना शुरु हो गया है। भीमताल का यह भीमेष्वर महादेव मंदिर द्वापर युग का है।
कहा जाता है कि जब पाडव द्वारा तपस्या कि गयी तो शिव लिंग कि स्थापना हुयी अपनी गदा से भीम द्वारा धरती से पानी निकाल कर जल अभिशक किया गया। बाद में चंद्र वंष के राजा कल्याण चंद्र ने इस मंदिर का निर्माण कराया तभी से यहाॅ शिव को पूजा जा रहा है।
जिस कारण हर शिवरात्रि में यहाॅ मेले का आयोजन होता है और श्रद्वालू दुवारा शिव की पूजा अर्चना कि जाती है।
शिव रात्रि मे इस मंदिर में भक्तो का ताता लगा रहता है। लोगो की मान्यता है की यहा मांगी गयी मन्नत पूरी होती है जिससे इस मंदिर मे लोगो की अपार श्रद्वा है।
इसके साथ ही भीमताल के छोटा कैलाश में भी मंदिर को भव्य रूप दिया जा रहा है फूलों और लाइटों की माला से मंदिर को जगमाया जा रहा है ताकि यहां भी शिवरात्रि को व्यवस्थित ढंग से मनाया जा सके।





