रचारधाम यात्रा 2024 इस बार 10 मई से शुरू होने जा रही है। अब तक 15 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। ऐसे में सरकार की ओर से तैयारियां जोरों पर हैं। श्रद्धालुओं के उत्साह को देखते हुए इस बार भी सरकार टोकन सिस्टम से दर्शन कराने की तैयारी में हैं।
पर्यटन विभाग का दावा है कि यात्रा में आने वाले तीर्थयात्रियों को दर्शन के लिए एक घंटे से ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पर्यटन विभाग स्लॉट, पंजीकरण, सत्यापन और टोकन सिस्टम लागू करने जा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन, पुलिस व कार्यदायी संस्था जल्द ही स्थानों को चिह्नित करेगी।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि चारधाम यात्रा के दृष्टिगत एक स्टेट लेवल कंट्रोल रूम की स्थापना देहरादून स्थित उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद मुख्यालय में की गई है, जो पूरे यात्राकाल के दौरान सुबह सात से रात दस बजे तक संचालित रहेगा। पर्यटकों और यात्रियों को लंबी कतारों एवं अधिक समय तक प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए चारधाम यात्रा में धामों के दर्शन के लिए टोकन, स्लॉट की व्यवस्था शुरू की गई है।
पंजीकरण, टोकन, सत्यापन के लिए कार्यरत एजेंसी, पर्यटन विभाग के अधिकारी, जिला प्रशासन, पुलिस अफसरों के स्थल चयनित करेंगे। इस व्यवस्था के लागू हो जाने पर किसी भी यात्री को दर्शन के लिए कतार में एक घंटे से अधिक का इंतजार नहीं करना होगा।
उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चार धाम हैं। यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ। यमुनोत्री व गंगोत्री उत्तरकाशी जिले में जबकि केदारनाथ रुद्रप्रयाग और बद्रीनाथ चमोली जिले में स्थित है। हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। इस बार 10 मई से यात्रा शुरू होने जा रही है।
गंगोत्री, यमुनोत्री व केदारनाथ के कपाट 10 मई को खुलेंगे जबकि बद्रीनाथ धाम की यात्रा 12 मई से शुरू होगी। इसके लिए सरकार की ओर से तैयारियां जोरों पर चल रही है। चार धाम यात्रा के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय लगता है। साथ ही पहले यमुनोत्री फिर गंगोत्री, केदारनाथ व बद्रीनाथ के दर्शन करने की परंपरा है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग की नहीं होगी दिक्कत
चारधाम यात्रा पर आने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग की कोई समस्या नहीं रहेगी। कैबिनेट मंत्री महाराज ने कहा कि इसके लिए यात्रा मार्गों पर 42 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार से स्वीकृत और उत्तराखंड परिवहन निगम से प्राप्त धनराशि से इन स्टेशन की स्थापना के लिए गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को कार्यदायी संस्था बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि जीएमवीएन के 24 पर्यटक आवास गृह और परिवहन निगम के चार बस स्टेशन पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अलावा टिहरी हाइड्रो डेवपलमेंट कारपोरेशन भी जीएमवीएन के 14 पर्यटक आवास गृह में यह स्टेशन स्थापित कर रहा है। इन चार्जिंग स्टेशन में यूनिवर्सल चार्जर होंगे। एक चार्जर 60 किलोवाट का होगा, जिसमें 30-30 किलोवाट की दो गन होंगी।
जीएमवीएन के गेस्ट हाउस को साढ़े आठ करोड़ की बुकिंग
महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्गों पर स्थित जीएमवीएन के गेस्ट हाउस के लिए भी लोग बड़ी संख्या में बुकिंग करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी से यह बुकिंग शुरू की गई थी और अभी तक आनलाइन व आफलाइन साढ़े आठ करोड़ रुपये से अधिक की बुकिंग हो चुकी है।
यह भी जानकारी दी कि यात्रा मार्गों पर स्थित रुद्रप्रयाग जिले के सात और चमोली के आठ गेस्ट हाउस की मरम्मत व उच्चीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। इसके साथ ही यात्रा के दौरान सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर रहेगा।
यात्रा मार्गों पर वर्तमान में सुलभ इंटरनेशनल के माध्यम से 1584 सीट वाले स्थायी शौचालयों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने मानसखंड एक्सप्रेस और आदि कैलास के लिए हेली दर्शन से संबंधित योजनाओं पर भी विस्तार से रोशनी डाली।





