उत्तराखंड के जंगलों में आग लगने से वन्य जीव भयभीत, सुरक्षित स्थल की तलाश में भटक रहे हैं इधर-उधर
रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला
नैनीताल। ऊत्तराखण्ड में नैनीताल के जंगलों में भीषण आग से भयभीत वन्यजीव अब सुरक्षित स्थल की तलाश में इधर उधर भटक रहे हैं।
शुक्रवार शाम विलुप्तप्राय श्रेणी का सिराउ(शिड्यूल1)भटककर आई.टी.आई.के समीप कलमट में पहुँच गया जहां लोगों ने उसे देखकर वीडियो बना लिया।
नैनीताल और आसपास के घने जंगलों में पिछले लगभग 15 दिनों से भीषण वनाग्नि देखने को मिली थी।
इस वनाग्नि को एयरफोर्स, आर्मी, एन.डी.आर.एफ., दमकल विभाग, पुलिस, प्रशासन और वन विभाग के प्रयासों से शांत कर दिया गया, लेकिन इन जंगलों में रहने वाले वन्यजीव अशांत हो गए हैं।
इस वनाग्नि से वहां वास करने वाले असंख्य पक्षी, कीट और छोटे बड़े कीड़े अपने घोंसलों में बच्चों समेत दर्दनाक मौत के शिकार हो गए।
इन जंगलों में वन्यजीव जैसे सांप, घुरल, काकड़, जड़ाऊ, भालू, गुलदार, सिराउ, उड़न बिल्ली, सौल, जंगली सूकर, लंगूर, बंदर आदि बड़ी संख्या में रहते हैं। अपनी जान बचाने के लिए ये वन्यजीव इधर उधर भाग रहे हैं और अपने कुनबे और परिवार से बिछुड़ रहे हैं।
शुक्रवार शाम नैनीताल के व्यवसायी और समाजसेवी शिबू मजूमदार नैनीताल से भवाली मार्ग में अपनी स्कूटी से पाइंस से आगे निकले ही थे की अचानक उन्हें सिराउ दिख गया। आई.टी.आई.के समीप के जंगल स्थित कलमट के नीचे अकेले घूम रहे सिराउ(बाघ जैसा महत्व)के बच्चे का एक वीडियो शिबू ने बना लिया।
ये साफ दर्शाता है कि वनाग्नि में जलने से बचने के लिए इन दिनों वन्यजीव इधर उधर भाग रहे हैं।














