उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की शुरुआत के दौरान लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी, इसके चलते काफी अव्यवस्थाएं फैल गई थीं. हालांकि अब हालात सामान्य होने लगे हैं और भीड़ भी कम हुई है।
इसे देखते हुए उत्तराखंड की धामी सरकार ने चारधामों में दर्शन के लिए यात्रियों की दैनिक निर्धारित सीमा खत्म करने का फैसला लिया है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गढ़वाल आयुक्त और चारधाम यात्रा प्रशासन के अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय ने यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर ऋषिकेश और हरिद्वार में चारधाम दर्शन की निर्धारित सीमा को खत्म करने का निर्णय लिया है. ये फैसला वर्तमान में चारधामों में सामान्य भीड़ को देखते हुए लिया गया है।
अब यात्री ऋषिकेश और हरिद्वार के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर उपस्थित होकर चारधाम, दो धाम या किसी भी धाम का सीधा रजिस्ट्रेशन प्राप्त कर सकते हैं और अपनी यात्रा पर सुगमता से जा सकते हैं, ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. पिछले वर्ष की तुलना में पिछले एक महीने में डेढ़ गुना ज्यादा श्रद्धालु चारधाम पहुंचे थे।
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, पिछले वर्ष चारधाम यात्रा के पहले महीने में 12,35,517 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि इस वर्ष एक माह में 19,64,912 श्रद्धालुओं ने चारधाम दर्शन किए हैं. यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में डेढ़ गुना अधिक है।
इस वर्ष यात्रा सीजन के पहले दस दिनों में 138,537 श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री के दर्शन किए, जो पिछले दो वर्षों की तुलना में 127 फीसदी ज्यादा है. इसी तरह 128,777 श्रद्धालुओं ने गंगोत्री धाम के दर्शन किये जो पिछले दो वर्षों की तुलना में 89 फीसदी ज्यादा हैं।
केदारनाथ धाम में 319,193 श्रद्धालु आए, जो पिछले दो वर्षों की तुलना में 156 फीसदी ज्यादा हैं और बद्रीनाथ धाम में 139,656 श्रद्धालु आए और यह भी दो वर्षों की तुलना में 27 फीसदी ज्यादा हैं।





