हल्द्वानी। कुमाऊं मंडल में सोमवार का दिन दर्दनाक हादसों के नाम रहा। नैनीताल और अल्मोड़ा जिलों में हुई दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
इन हादसों ने जहां कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया, वहीं एक घर में चल रही शादी की खुशियां भी मातम में बदल गईं।
नैनीताल जिले के धारी ब्लॉक के बबियाड़ क्षेत्र में एक मैक्स वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। वाहन में सवार सभी लोग घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, दुदुली निवासी दिनेश चंद्र शर्मा अपने परिवार और अन्य ग्रामीणों के साथ हल्द्वानी की ओर जा रहे थे।
वाहन को कमल शर्मा चला रहा था। दुदुली से कुछ दूरी पर अचानक वाहन संतुलन खो बैठा और खाई में गिर गया।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पदमपुरी पहुंचाया।
वहां डॉक्टरों ने लता देवी (40) और हरीश चंद्र बेलवाल (52) को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों, जिनमें दिनेश शर्मा, नेहा बेलवाल और सुभाष बेलवाल शामिल हैं, को गंभीर हालत में हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) रेफर किया गया है।
इस बीच, राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु ने हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम के मौके पर देर से पहुंचने का आरोप लगाया, जिससे राहत कार्य प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
उधर, अल्मोड़ा जिले के जैंती क्षेत्र में एक और दर्दनाक हादसा सामने आया। मल्ला बिनौला तोक (जलना) में कमलेश की शादी का कार्यक्रम चल रहा था। शादी के लिए जरूरी सामान लेने जा रहे उनके जीजा प्रदीप कुमार (निवासी रानीखेत/हल्द्वानी) की बोलेरो वाहन जैंती मार्ग पर बांसधार मोटर के पास करीब 250 फीट गहरी खाई में गिर गई।
इस दुर्घटना में प्रदीप कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद घायल को खाई से बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैंती पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
इन दोनों हादसों ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद ठोस कदम न उठाए जाने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बनी हुई है।
इसी दिन एक अन्य दुखद घटना उधम सिंह नगर जिले के सितारगंज क्षेत्र में भी सामने आई, जहां सैजनी गांव में अपने गेहूं के खेत में लगी आग बुझाने के दौरान 45 वर्षीय किसान गुरबाज सिंह आग की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से झुलसने के कारण उनकी मौत हो गई।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने पूरे कुमाऊं क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

