चेनाब ब्रिज पर इस दिन से दौड़ेगी ट्रेन, रेलवे से आई बड़ी जानकारी
इंजीनियरिंग मार्वल और भारतीय रेलवे की शान चेनाब रेल ब्रिज पर पहला ट्रायल सफल रहा, इसका वीडियो रेल मंत्री ने जारी किया. इस प्रोजेक्ट के तहत 46 किमी लंबे संगलदान रियासी सेक्शन का सेफ्टी इंस्पेक्शन इस महीने की 27 और 28 तारीख को हो सकता है।
इसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि संगलदान से रियासी के बीच पहली ट्रेन 30 जून को चल सकती है. पुल का निर्माण ₹1486 करोड़ की लागत से किया गया।
कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) डीसी देशवाल इस महीने की 27 और 28 तारीख को 46 किमी लंबे संगलदान-रियासी सेक्शन की जांच करेंगे. इसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि संगलदान से रियासी के बीच पहली ट्रेन 30 जून को चल सकती है।
इंस्पेक्शन के बादचेनाब ब्रिज से होकर गुजरेगी ट्रेन
रेलवे के इस USBRL प्रोजेक्ट पर कई टनल और शानदार स्टील आर्च रेलवे ब्रिज चेनाब नदी के ऊपर बना है. नॉर्दर्न रेलवे के चीफ पीआरओ दीपक कुमार के अनुसार, संगलदान से रियासी के बीच ट्रेन चलाने के सारे काम पूरे हो चुके हैं. सेफ्टी इंस्पेक्शन के बाद इस रूट पर ट्रेन चलाई जाने लगेगी. पूरा USBRL प्रोजेक्ट 272 किमी का है।
इसमें से 209 किमी पर ट्रेन अभी भी चल रही है. अक्टूबर, 2009 में काजीगुंड से बारामुला सेक्शन पर ट्रेन शुरू की गई थी. इसके बाद जून, 2013 में बनिहाल से काजीगुंड के 18 किमी सेक्शन को भी जोड़ दिया गया था. उधमपुर से कटरा के बीच पहली ट्रेन जुलाई, 2014 में चलाई गई थी।
इस प्रोजेक्ट का सिर्फ 17 किमी हिस्सा ही बाकी रह जाएगा
अब 46 किमी लंबे संगलदान-रियासी सेक्शन के शुरू होने के बाद इस प्रोजेक्ट का सिर्फ 17 किमी हिस्सा ही बाकी रह जाएगा. इसे भी रेलवे ने साल 2024 के अंत तक खोलने का लक्ष्य रखा है. इसके साथ ही कश्मीर घाटी का रेलवे संपर्क पूरे देश से जुड़ जाएगा।
इसके बाद कश्मीर से कन्याकुमारी तक आप ट्रेन से जा सकेंगे. इस प्रोजेक्ट पर 1997 से ही काम चल रहा है. इसी सेक्शन पर 1.3 किमी लंबा चेनाब ब्रिज भी है, जो कि एफिल टावर से भी 35 मीटर ऊंचा है. इस रूट पर वंदे भारत ट्रेन (Vande Bharat Express) चलाए जाने की उम्मीद है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल 15 अगस्त से
इससे पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि अगले दो महीने में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat Sleeper Train) का ट्रायल शुरू कर सकता है. इस ट्रेन का ट्रायल 15 अगस्त से शुरू हो सकता है।
इस ट्रेन का संचालन छह महीने में शुरू हो जाएगा. रेल मंत्री ने कहा कि साल 2029 तक पूरे देश में 250 से अधिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाए जाने का प्लान है।





