श्री सत्यवादी हरिश्चंद्र लीला का डालकंडिया (डेफ्टा ) में समापन हुआ
भीमताल/ओखलकांडा। श्री सत्यवादी लीला कमेटी डालकंडिया (डेफ्टा )में लीला का आयोजन लगभग 2009 से आज तक लगातार भव्य और दिव्य रूप से सभी के सहयोग से बड़ों के मार्गदर्शन आशीर्वाद किया जा रहा है।
सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र के बारे में सभी लोग जानते हैं। इस कमेटी की विशेषता यह हैं यह लीला जब से शुरू हुई है उसके बाद क्षेत्र में दिन दुगनी रात चौगुनी और सुंदर प्रकाश फैला रही है।
इस गांव के अलावा उत्तराखंड में शायद ही किसी अन्य जगह पर सत्यवादी लीला का आयोजन होता हो । इस लीला के पात्र बिल्कुल भी नशा न करते हुए प्रदर्शन करते हैं।
जैसा कि आज कई जगह नशापन फिल्मी गानों में नाचना इस प्रकार से किया जाता है पर यहां पर पात्र लहसुन प्याज तक नहीं खाते हैं कमेटी के अध्यक्ष श्रीमान केशव दत्त भट्ट जी जिनकी उम्र 60 साल लगभग है।
उपाध्यक्ष चूड़ामणि भट्ट जी कोषाध्यक्ष रमेश पनेरु व समस्त कार्यकारिणी और सभी क्षेत्रवासियों का सहयोग बहुत बढ़-चढ़के रहता है।
विश्वामित्र मुनि जी ने हरिश्चंद्र की परीक्षा लेने के लिए इनका राज पाठ दान में ले लिया और दान कम पड़ने पर वह खुद अपने बच्चों सहित बिक गए सत्यवादी महाराज सत्य पर अड़े रहे और काशी बाजार अपना परिवार व खुद बिक जाते हैं पर सत्य पर पड़े रहते हैं ।
मरघट में सत्यवादी राजा कर लेने का काम करते हैं। महाराजा हरिश्चंद्र की पत्नी ब्राह्मण के घर में बर्तन धोने का काम करती है सत्य पुत्र रोहित रोज बाग से फूल तोड़ने का काम करते हैं।
अचानक एक दिन जहरीला शर्फ काट देता है उसके बाद उनकी मां उसको मरघट ले जाती है और वहां पर भी अपने सत्य धर्म का पालन करते हुए हरिश्चंद्र अपने सत्य धर्म का पालन करने के लिए खड़े रहे।
बाद में उनकी पत्नी पर कई मिथ्या आरोप लगाए जाते हैं फिर हरिश्चंद्र को उसे काटने का आदेश दिया जाता है।
काटने से पहले उनकी आंखों पर पट्टी बांधी जाती है जब वह काटने के लिए हाथ आगे बढ़ाते हैं तभी त्रिदेव प्रकट हो जाते हैं और राजा हरिश्चंद्र को उनका राजपाट वापस मिल जाता है।
राजा हरिश्चंद्र के पात्र नवयुवक मंगल दल अध्यक्ष चंदन पनेरु, ने बहुत सुंदर अभिनय किया रोहित के जगदीश रूवाली , सेब्या खिमेश भट्ट , विश्वामित्र मुनि गिरीश बुंगियाल ने।
सभी पात्रों के द्वारा बहुत ही सुंदर अभिनय किया जा रहा है , लीला के समापन के दिन लोक गायक राकेश पनेरु वह रिमझिम टीम ने दर्शको को रात भर झूमने को मजबूर कर दिया।
इस आयोजन को सफल बनाने में विशेष योगदान गांव की जानकार अनुभवी बुजुर्गो का और सुरेश चन्द्र जोशी तारी भट्ट, मुरली मनोहर भट्ट जी नरेश भट्ट जी छेत्र पंचायत सदस्य ललित मोहन भट्ट प्रकाश जोशी दिनेश पनेरू त्रिलोचन बुंगियाल अजय पनेरू आदि का रहा।





