नैनीताल में पहली बार गर्मी पढ़ने से पंखों की डिमांड बड़ी। रात को लोग पंखा चला कर सो रहे हैं
रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला
नैनीताल। गर्मी होने के कारण पहली बार सरोवर नगरी में पंखों की आपात बड़ी नैनीताल में कभी पंखों जरूरत नहीं पड़ी। लेकिन इस साल जून के महीने में 33 से 35 डिग्री तक पहुंचा तापमान
इसके चलते सरोवरनगरी नैनीताल में गर्मी से राहत पाने के लिए स्थानीय लोगों को दिन रात पंखे का सहारा लेना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के साथ भी पर्यटक चील चिल्लाती धूप में छाता लेकर माल रोड की सैर कर रहे हैं।
वही व्यवसाय हरीश जोशी बताया स्थितियां अच्छी नहीं है नैनीताल खतरे में दिख रहा हैं।
जिंदगी में पहली बार पंखा लगाया है घर में पंखे बेचने वाले जरूर हैं। लेकिन स्थितियां अच्छी नहीं है।
नैनीताल के लिए हमें कुछ ना कुछ पॉजिटिव जरूर सोचना पड़ेगा अपने शहर के लिए पंखा बेचना किसको अच्छा नहीं लगता मुनाफा के लिए पर यह मुनाफा आने वाले कल के लिए अच्छा नहीं है।
मेरा तो यह कहना है कि हमें अपने पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए कुछ ना कुछ करना पड़ेगा पंखे सभी तरह के हैं। कंपनी के हम बेचते हैं। अभी तक 200 पंखे बिक चुके हैं।
वही बहादुर सिंह शाही ने कहा। यह तो संभावना ही नहीं थी कि नैनीताल शहर में इतनी गर्मी पड़ सकती है। हमने पूरी पूरी तैयारी की है कि पर्यटकों को कोई दिक्कतों का सामना न करना पड़े रूम में पंखे और ऐसी लगवा दिए हैं।और कुछ रूम रह गए हैं वह अगली बार पुरे कर दिए जायेगे।
पर्यटकों का कहना है मैदानी क्षेत्र गर्मी से लोगों का बहुत बुरा हाल है। लोगों को भीषण गर्मी से दिक्कत होगा सामना करना पड़ रहा है। 40 डिग्री टेंपरेचर है।
नैनीताल घूमने के लिए पहली बार आए हैं और बहुत अच्छा लगा थोड़ा गर्म है नैनीताल रात को पंखा चला कर सोना पड़ता है।





