उच्च न्यायालय ने आरटीआई कार्यकर्ता भुवन पोखरिया को सुरक्षा दिलाए जाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की
उच्च न्यायालय ने आरटीआई कार्यकर्ता खिलाफ गुंडा एक्ट पर की गई कार्यवाही की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
रिपोर्टर – भुवन सिंह ठठोला
नैनीताल। उत्तराखण्ड हाई कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता व आरटीआई एक्टिविस्ट हलद्वनी के चोरगलिया निवासी भुवन पोखरिया को सुरक्षा दिलाए जाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए।
कोर्ट की खण्डपीठ ने राज्य सरकार से भुवन चंद्र पोखरिया के खिलाफ गुंडा एक्ट पर की गई कार्यवाही की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 19 जुलाई की तिथि नियत की है।
आपको बता दे कि चोरगलिया निवासी भुवन पोखरिया ने भ्रष्टाचार से सम्बंधित कई जनहित याचिका कोर्ट में दायर की हैं।
जिनमें मुख्यतह खनन के क्षेत्र में सरकार के करीब 2 सौ करोड़ का चूना सरकारी कर्मचारियो के द्वारा लगाया गया।
सरकारी कर्मचारियों की नियम विरुद्ध तरीके से पदौन्नति की गई। एनएच 74 घोटाले में शामिल अधिकारी बिना जाँच के बहाल हो गए जबकि 6 साल बीत गए जाँच पूरी नही हुई और अधिकारियों पदौन्नति पा चुके हैं।
पूर्व जिला अधिकारी ने एनजीटी के नियमों का घोर अवहेलना की गई। कृषि भूमि में उनके द्वारा रसुखदार लोगो को खनन के पट्टे आबंटित किये गए।
कोर्ट में उनके द्वारा भृषटाचार के ये मुद्दे उठाने के बाद उन्हें अपनी जान माल का खतरा हो गया है।
अपनी सुरक्षा को लेकर इस सम्बंध में उनके द्वारा गृह सचिव व डीजीपी को पत्र भेजा गया ।
परन्तु अभी तक उनके पत्र के संज्ञान नही लिया गया। याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि उन्हें और उनके परिवार को जानमाल का खतरा है। उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए।





