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उत्तराखंड में श्रावण मास 16 जुलाई को सौर मास के प्रारंभ होते ही शुरू हो गए हैं। जब सूर्य कर्क संक्रांति में जाता तब से ही सावन का का महीना प्रारंभ हो जाता है।

हालांकि अन्य राज्यों में 22 जुलाई 2024 को प्रारंभ होकर 19 अगस्त को रक्षाबंधन पर समाप्त होंगे जबकि उत्तराखंड में 16 जुलाई से प्रारंभ होकर 29 दिनों तक रहेगा।

  • 16 जुलाई 2024 से उत्तराखंड में सावन माह प्रारंभ
  • सौर मास से चयन होता है माह का
  • पहले दिन मनाया जाता है हरेला पर्व
  • महाराष्ट्र में 5 अगस्त 2024 से सावन माह होगा प्रारंभ
  • अन्य राज्यों में 22 जुलाई से हो रहा श्रावण मास प्रारंभ

उत्तराखंड के पंचांग के अनुसार कर्क राशि में सूर्य के गोचर से सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायन होते हैं। इसी दिन से श्रावण माह प्रारंभ होता है। सावन माह के पहले दिन यहां एक लोक पर्व मनाया जाता है। जिसे हरेला कहा जाता है।

भगवान शिव को प्रकृति का प्रतीक माना गया है और उन्हें खेती का देवता भी कहा जाता है। हरेला पर्व से कई फसलों की बोवनी भी शुरू होती है, ऐसे में हरेला पर्व को महादेव से जोड़कर देखा गया है। इस दिन मिट्टी से शिव-पार्वती की मूर्ति बनाकर उनका पूजन करते हैं। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

सावन लगने से 9 ​दिन पहले ही एक लकड़ी की टोकरी में मिट्टी डालकर इसमें जौ, गेहूं, धान, उड़द या भट्ट के बीजों को बोते हैं। इसके पश्चात 9 दिनों तक इस टोकरी में रोजाना जल छिड़का जाता है और दसवें दिन हरेला तैयार हो जाता है।

जिसे काटकर परिवार के सदस्य अपने कान के पीछे लगाते हैं। कहते हैं कि हरेला जितना अच्छा उगता है उस साल फसल भी उतनी ही अच्छी होती है।

उत्तराखंड में सावन का माह पहले ही शुरू हो जाता है क्योंकि यहां पर सूर्य के मास के अनुसार महीनों का चयन होता है। जबकि महाराष्ट्र में सावन माह की अमावस्या के बाद से श्रावण मास प्रारंभ होगा।

यानी 4 अगस्त 2024 को अमावस्या रहेगी और 5 तारीख से श्रावण माह प्रारंभा होगा। इस दिन को गटारी अमावस्या कहते हैं।

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