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केंद्रीय सरकारी कर्मचारी लंबे समय से 8वें वेतन आयोग की घोषणा का इंतजार कर रहे थे और आखिरकार सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है। इससे पहले, 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2016 में लागू की गई थीं, जो कि 2014 में गठित किया गया था।

अब सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा के बाद 50 लाख सरकारी कर्मचारी और 65 लाख पेंशनभोगी इस नए पे स्केल में बढ़ोतरी को लेकर उत्साहित हैं।

8वें वेतन आयोग से कितनी बढ़ेगी सैलरी?

सरकार अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) देती है और इसे साल में दो बार संशोधित किया जाता है। हालांकि, वेतन आयोग के तहत वेतन संशोधन का मुख्य आधार फिटमेंट फैक्टर होता है।

फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक पे 18,000 रुपये है, जबकि न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये है।

लेकिन 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर के आधार पर यह वेतन बढ़ेगा। आइए इसके बारे में जानते हैं।

नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के स्टाफ साइड नेता एम. राघवैया ने बताया कि वह नए वेतन आयोग के तहत 2.0 के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं।

वहीं, भारत के पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग का मानना है कि सरकार 1.92 या 2.08 के फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी दे सकती है। हालांकि, NC-JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि नया फिटमेंट फैक्टर 2.86 से कम नहीं होना चाहिए।

कब लागू होगा 8वें वेतन आयोग?

वित्त मंत्रालय के व्यय सचिव मनोज गोविल के अनुसार, 8वां वेतन आयोग अप्रैल 2025 में काम शुरू करेगा, जो कि वित्त वर्ष 2025-26 का हिस्सा होगा।

हालांकि, NC-JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्रा का मानना है कि 8वें वेतन आयोग की स्थापना 15 फरवरी 2025 तक हो सकती है। इसके बाद आयोग 30 नवंबर 2025 तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगा और सरकार इसे दिसंबर 2025 में रिव्यू के बाद मंजूरी दे सकती है।

यदि सभी प्रक्रियाएं सही समय पर पूरी हो जाती हैं, तो देश में 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है।

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