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रोजगार दिलाने वाले विभाग में ही 60 फीसदी पद खाली

उत्तराखंड सेवायोजन विभाग में कार्मिकों का टोटा 

बेरोजगार भी प्रभावित स्वीकृत 365 के सापेक्ष 219 अधिकारियों-कर्मचारियों के पद पड़े खाली विभाग पर राज्य के 6.50 लाख बेरोजगारों का भविष्य संवारने का जिम्मा।

उत्तराखंड में जिस विभाग के पास राज्य के 646755 बेरोजगारों को रोजगार दिलाने की बड़ी जिम्मेदारी है। उस सेवायोजन विभाग को खुद अफसर और कर्मचारियों की आवश्यकता है।

बीते तीन साल से विभाग में कर्मचारियों के पदों में लगातार कमी हो रही है। अब विभाग में 40 फीसदी कर्मचारी ही काम चला रहे हैं। 60 फीसदी पद रिक्त हो गए हैं।

लंबे समय से दफ्तरों में खाली कुर्सियां भी अफसर और कर्मचारियों के इंतजार में हैं।

हालांकि सेवायोजन विभाग का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना है।

ये हो रहा असर रोजगार मेलों का आयोजन, डेटा प्रबंधन और योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ रहा है। काम की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।

नई योजनाओं को बनाने में भी दिक्कत आ रही है। युवाओं को दी जाने वाली काउंसलिंग भी प्रभावित हो रही है। अफसरों के ये पद हैं खाली सहायक निदेशक के दो पदों में से एक पद रिक्त है।

क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी के चार में से तीन पद खाली हैं। जिला सहायक सेवायोजन अधिकारी के 45 पदों में से 31 रिक्त हैं। अनुदेशक के 57 पदों में से 56 खाली हैं। प्राविधिक सहायक के पांच में से चार पद रिक्त हैं।

कर्मचारियों के पदों में कमी अन्वेषक-सह-संगणक के 18 स्वीकृत पदों में से 5 रिक्त हैं। लाइब्रेरियन के 4 स्वीकृत पदों में से 3 रिक्त हैं। सहायक लेखाकार का 1 स्वीकृत पद रिक्त है।

मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के 11 स्वीकृत पदों में से 4 रिक्त हैं।

प्रधान सहायक के 26 स्वीकृत पदों में से 11 रिक्त हैं। वरिष्ठ सहायक के 40 स्वीकृत पदों में से 22 रिक्त हैं। ड्राइवर के पद भी रिक्त हल्द्वानी।

कनिष्ठ सहायक के 46 में से 16 पद रिक्त हैं। चतुर्थ श्रेणी के 83 में से 60 पद रिक्त हैं। वाहन चालक के तीन में से दो पद रिक्त हैं।

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