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उत्तराखंड उच्च न्यायालय में पंचायत वोटर लिस्ट में बाहरी लोगों के नाम जोड़े जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की

रिपोर्टर गुड्डू सिह ठठोला

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में नैनीताल ग्राम सभा बुडलाकोट की पंचायत वोटर लिस्ट में बाहरी लोगों के नाम जोड़े जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट की खंडपीठ ने राज्य चुनांव आयोग को 3 दिन के भीतर शपथपत्र पेश कर यह स्पष्ट करने को कहा है कि वोटर लिस्ट में बाहरी लोगों के नाम किस आधार पर जोड़े गए है।
आज हुई सुनवाई के बाद आयोग की तरफ से कहा गया कि कुछ लोगो को चिन्हित किया गया है। वोटर लिस्ट बनाते वक्त बीएलओ के द्वारा घर घर जाकर वोटरों को चिन्हित किया।

उसी के आधार पर वोटर लिस्ट बनाई। कोर्ट ने आयोग से पूछा कि जब वोटर लिस्ट बनाई गई क्या वोटरों का उस वक्त आधार कार्ड वोटर आईडी या राशन कार्ड या स्थायी निवास से सम्बंधित दस्तावेजों की जाँच की । अगर की है तो उसका रिकार्ड प्रस्तुत करें।

मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 17 जुलाई की तिथि नियत की तिथि नियत की है।
आपको बता दे कि नैनीताल के ग्राम बुडलाकोट निवासी आकाश बोरा ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि उनके ग्रामसभा की वोटर लिस्ट में 82 बाहरी लोगों के नाम शामिल किए गए है। जिनमे अधिकतर लोग उड़ीसा राज्य व अन्य जगह के है।

जब इसकी शिकायत उनके द्वारा एसडीएम से की गई तो उनके द्वारा गठित जांच कमेटी ने वोटर लिस्ट का अवलोकन कर के पाया कि इसमे से 18 लोग बाहर के है।

लेकिन अंतिम लिस्ट जारी होने के बाद भी चिन्हित 18 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से नही हटाये गए। जनहित याचिका दायर करने के बाद उनके द्वारा ऐसे ही 30 अन्य की लिस्ट भी कोर्ट में पेश की गई। शिकायत करने के बाद भी जिसपर कोई कार्यवाही नही की गई

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